मधुमक्खी पालन कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका में सुधार करने में सहायक
अवंतीपोरा 16 अक्टूबर। कृषि उत्पादन विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज, सहकारिता और चुनाव विभाग के मंत्री जावेद अहमद डार ने इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, अवंतीपोरा के इनोवेशन कैंपस में शुरू हुई “वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन तेल बीज मिशन के साथ एकी.त” दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में आईयूएसटी की पहलों की सराहना की, विशेष रूप से उन कार्यक्रमों की जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी को सामाजिक-आर्थिक विकास से जोड़ते हैं।
उन्होंने मधुमक्खी पालन के आर्थिक और पारिस्थितिक महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह कृषि उत्पादकता बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण और ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री ने आई-फैक्ट्री लैब, डिजाइन और विकास प्रयोगशाला, फैब लैब, और अल्ट्राटेक सीमेंट लैब का दौरा किया और विश्वविद्यालय की .षि-प्रौद्योगिकी उन्नति हेतु नवाचार आधारित पहलों के लिए पूर्ण सरकारी समर्थन का आश्वासन दिया।
यह कार्यक्रम एनआई-एमएसएमई हैदराबाद द्वारा प्रायोजित है, जो मधुमक्खी पालन के वैज्ञानिक, आर्थिक और उद्यमशील आयामों और इसके राष्ट्रीय तेल बीज मिशन के साथ एकीकरण पर विचार-विमर्श करने के लिए विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को एक साथ लाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपकुलपति प्रो. शकील ए. रोमशू ने की। उन्होंने आईयूएसटी के नवाचार और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह विचारों को प्रभावशाली समाधान में रूपांतरित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और अनुकूल जलवायु उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करती हैं, जिससे मधुमक्खी पालन एक उच्च-मूल्य वाली आजीविका बन जाती है, जिसमें निर्यात-उन्मुख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विकास की प्रबल संभावनाएं हैं।
पंजाब के संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से प्रो. विकास नंदा ने मधुमक्खी पालन अनुसंधान में हाल के प्रगति कार्यों पर चर्चा की और बताया कि तकनीकी हस्तक्षेप कैसे शहद की गुणवत्ता और उत्पादन दक्षता में सुधार कर सकते हैं।
वॉशिंगटन डी.सी. स्थित एकेडमी फॉर ग्लोबल बिजनेस एडवांसरमेंट के संस्थापक एवं सीईओ प्रो. ज़फर यू. अहमद ने कश्मीरी शहद को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त उत्पाद बनाने के लिए ब्रांडिंग, गुणवत्ता संवर्धन और अंतर्राष्ट्रीय प्रचार की आवश्यकता पर बल दिया।