फर्जी भूमि मुआवजा घोटाले में संलिप्तता के लिए दस आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर
श्रीनगर, 7 नवंबर (हि.स.)। सरकारी विभागों में वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा ने अनंतनाग में एक फर्जी भूमि मुआवजा घोटाले में संलिप्तता के लिए दस आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इस घोटाले में भूमि अधिग्रहण के लिए निर्धारित सरकारी धन को अवैध रूप से प्राप्त करने के लिए जाली राजस्व अभिलेखों का इस्तेमाल किया गया था।
एक बयान में अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) के साथ धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी आरपीसी के तहत एफआईआर संख्या 12/2015 में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक, अनंतनाग की अदालत में आरोप पत्र दायर किया है।
बयान में कहा गया है कि अनंतनाग जिले में फर्जी भूमि अधिग्रहण से संबंधित एक फर्जी मुआवजे के मामले में संलिप्तता के लिए दस आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया गया है। यह मामला गैर-मौजूद लाभार्थियों के पक्ष में मुआवजे की राशि के फर्जी वितरण से संबंधित है जिनकी भूमि को वेरीनाग-कोकरनाग रोड, बटागुंड के निर्माण के दौरान सरकार द्वारा गलत तरीके से अधिग्रहित दिखाया गया था।
आगे कहा गया कि जाँच के दौरान यह पाया गया कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों (तत्कालीन तहसीलदार डूरू, तत्कालीन नायब तहसीलदार डूरू, तत्कालीन गिरदावर डूरू और तत्कालीन पटवारी डूरू) ने निजी व्यक्तियों के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचकर मुआवज़े की राशि के अवैध वितरण को सुगम बनाने के लिए राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी और जालसाज़ी की। गलत तरीके से मौद्रिक लाभ प्राप्त करने के लिए आधिकारिक अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियाँ की गईं जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और जनता का विश्वास कम हुआ।
गहन जाँच और साक्ष्य एकत्र करने के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने न्यायिक निर्णय के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष आरोप-पत्र दायर किया है।
बयान में कहा गया है कि अपराध शाखा कश्मीर लोक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने और आर्थिक अपराधों में शामिल सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।