ड्राइविंग लाइसेंस से पहले अनिवार्य प्रशिक्षण की जरूरत
जम्मू-कश्मीर में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। केंद्र शासित प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब सड़क दुर्घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर सामने न आती हो। इन हादसों में अपने परिजनों और मित्रों को खोने वाले परिवारों का दर्द बेहद गंभीर है। ऐसे में अब सरकार के लिए सड़क सुरक्षा को केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी या संयोग का विषय मानना उचित नहीं होगा।
सरकार को इस दिशा में प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिसमें केवल ड्राइविंग टेस्ट पास कर लाइसेंस जारी करने के बजाय चालक के कौशल, अनुशासन और सड़क सुरक्षा संबंधी समझ को प्राथमिकता दी जाए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने वाला प्रत्येक व्यक्ति यातायात नियमों का पर्याप्त ज्ञान रखता हो, परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने में सक्षम हो तथा सुरक्षित ड्राइविंग की आदत विकसित कर चुका हो।
इसे व्यवहार में लाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक लाइसेंस आवेदक के लिए सरकार से मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान से निर्धारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य किया जाए।
सरकार प्रत्येक जिला मुख्यालय में ऐसे प्रशिक्षण संस्थान भी स्थापित कर सकती है, जहां प्रशिक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए। इन संस्थानों में पहले आवेदकों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए और उसके बाद प्रारंभिक परीक्षा लेकर यह आकलन किया जाए कि वे वास्तविक ड्राइविंग परीक्षा देने के योग्य हैं या नहीं।
पश्चिमी देशों में ऐसी व्यवस्था पहले से लागू है और उसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। इसलिए जम्मू-कश्मीर में भी इस मॉडल को अपनाने में कोई हानि नहीं है। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग ड्राइविंग लाइसेंस धारक हैं, जिन्हें यातायात के बुनियादी नियमों और संकेतों की भी पर्याप्त जानकारी नहीं है। यही कारण है कि सड़कें अधिक जोखिमपूर्ण बनती जा रही हैं।
यदि प्रत्येक चालक को वाहन चलाने की अनुमति मिलने से पहले व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए, तो बिना प्रशिक्षण या अपर्याप्त कौशल रखने वाले लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
वर्तमान परिस्थितियां अत्यंत चिंताजनक हैं। इसलिए आवश्यक है कि ड्राइविंग लाइसेंस के प्रत्येक इच्छुक आवेदक को शुरुआत से ही गुणवत्तापूर्ण चालक प्रशिक्षण दिया जाए। इससे सुरक्षित सड़कों की मजबूत नींव रखी जा सकेगी, सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों एवं गंभीर चोटों में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा पूरे जम्मू-कश्मीर में जिम्मेदार और अनुशासित ड्राइविंग की संस्कृति विकसित होगी।