जम्मू-कश्मीर सरकार नेे विरासत पाठ्यक्रम शुरू करने की मुख्यमंत्री योजना को दी मंज़ूरी

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जम्मू, 6 नवंबर (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर सरकार ने कौशल विकास विभाग के अंतर्गत विरासत पाठ्यक्रम शुरू करने की मुख्यमंत्री योजना को मंज़ूरी दे दी है जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और कौशल-आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने कहा कि इस योजना के तहत विभिन्न सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 25 प्रशिक्षण इकाइयों में सात पारंपरिक शिल्प पाठ्यक्रमों को पुनर्जीवित किया जाएगा जिनकी कुल क्षमता 500 छात्रों की होगी।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक कलाओं को न केवल संरक्षित किया जाए बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के स्थायी साधन के रूप में भी परिवर्तित किया जाए। इस योजना के तहत प्रशिक्षुओं को मासिक वजीफा मिलेगा जबकि प्रशिक्षकों को मानदेय प्रदान किया जाएगा जिससे भागीदारी और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

अधिकारियों ने कहा कि यह कदम पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के साथ मिलाकर लकड़ी की नक्काशी, पेपर-माचे, शॉल बुनाई और अन्य विरासत कौशल जैसे शिल्पों में जम्मू-कश्मीर की दीर्घकालिक विरासत को मजबूत करेगा।

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