जम्मू-कश्मीर में बिजली के रेट बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं : मुख्यमंत्री उमर

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जम्मू, 24 नवंबर । जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि घाटी में तय पीक आवर्स के दौरान बिजली की खपत के लिए बेस पावर टैरिफ पर 20 परसेंट सरचार्ज लगाने की खबरों को खारिज कर दिया।

जम्मू में एक कार्यक्रम के दौरान अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा कि बिजली की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और मुझे नहीं पता कि यह अफवाह कहां से शुरू हुई। अब्दुल्ला ने कहा कि मैं विद्युत मंत्री भी हूं और अभी तक (पावर टैरिफ बढ़ाने पर) ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है, कहे जा रहे प्रस्ताव पर मेरे हस्ताक्षर तो दूर की बात है। सरकार के सामने पावर टैरिफ बढ़ाने का कोई प्रस्ताव तक नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बजट में पहले ही साफ़ कर दिया है कि बिजली की फ़ीस नहीं बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बेवजह, इसने एक मुद्दा बना दिया है। सात लाइमस्टोन ब्लॉक के ई-ऑक्शन पर मुख्यमंत्री ने अपने भाषण का ज़िक्र किया और कहा कि वह इस मुद्दे पर अपने “पॉलिटिकल दोस्तों” की किसी भी अटकल को खत्म करना चाहते हैं कि ये ब्लॉक किसी को नहीं दिए जाएंगे और केंद्र सरकार का इन पर कोई कंट्रोल नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय माइंस मंत्रालय हमारी मदद कर रहा है, ताकि ब्लॉक ट्रांसपेरेंट तरीके से अलॉट हो सकें और जम्मू-करूमीर में माइनिंग का काम भी शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि लाइमस्टोन सीमेंट के लिए एक बहुत ज़रूरी रॉ मटेरियल है और कोशिश की जाएगी कि न सिर्फ़ माइनिंग का काम हो बल्कि आस-पास एक सीमेंट इंडस्ट्री भी लगाई जाए, जिससे बेरोज़गार युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करने में मदद मिल सके।

केंद्रीय कोयला और माइंस मंत्री जी किशन रेड्डी, अब्दुल्ला और उनके डिप्टी सुरिंदर चौधरी ने यहां अनंतनाग, राजौरी और पुंछ जिले में सात लाइमस्टोन मिनरल ब्लॉक्स की पहली नीलामी शुरू की, जो 2015 में माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट के तहत शुरू किए गए माइनिंग सुधारों को आगे बढ़ाने में एक अहम कदम है।–

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