एलजी सिन्हा ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान की प्रगति की समीक्षा की
जम्मू, 28 मई (h.s.) : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा प्रशासन को निर्देश दिए।
उपराज्यपाल श्रीनगर स्थित लोक भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने चल रहे “नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान” की प्रगति की समीक्षा की और नशे के खिलाफ मजबूत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक (dgp) को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
नशा पीड़ितों के पुनर्वास उपायों की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इन केंद्रों में उचित परामर्श और उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने आगे निर्देश दिए कि परित्यक्त इमारतों और नदी किनारों जैसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर उन पर निगरानी रखी जाए ताकि उनका इस्तेमाल नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधियों के लिए न हो सके। उन्होंने बड़े ड्रग तस्करों की सार्वजनिक पहचान उजागर करने पर भी जोर दिया, ताकि नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों पर रोक लगे और लोगों में जागरूकता बढ़े।
उपराज्यपाल ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग को युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल प्रतियोगिताएं और युवा सहभागिता कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी।
बैठक में मुख्य सचिव अतल डुल्लू, dgp नलिन प्रभात, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त विभाग शैलेंद्र कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग (r&b) अनिल कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विकास विभाग अश्विनी कुमार, प्रधान सचिव गृह विभाग चंद्राकर भारती, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मंदीप के. भंडारी, आयुक्त/सचिव स्कूल शिक्षा विभाग राम निवास शर्मा, आयुक्त सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एम राजू, आयुक्त सचिव उद्योग एवं वाणिज्य विक्रमजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।