अमेरिका-ईरान दो हफ्ते के संघर्ष विराम पर सहमत, इजराइल भी राजी, होर्मुज में शांति की आहट, इस्लामाबाद वार्ता की तैयारी
वाशिंगटन/तेल अवीव/लेबनान/इस्लामाबाद, 08 अप्रैल । अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं। ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव पर यह समझौता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समयसीमा से दो घंटे से भी कम समय पहले हुआ। ट्रंप ने मंगलवार की समय सीमा तय करते हुए तेहरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने या फिर समूची सभ्यता को मिटा दिए जाने का सामना करने की चेतावनी दी थी। मंगलवार देर रात ट्रंप की सहमत होने की घोषणा उनकी असाधारण चेतावनी से एकदम उलट रही। यह घोषणा पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मध्यस्थता प्रयासों के बाद सामने आई।
गल्फ न्यूज, अल जजीरा, तसनीम, सीबीएस न्यूज और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने पुष्टि की है कि अगले दो हफ्तों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति ईरानी सेना के प्रबंधन में दी जाएगी। अराकची ने बुधवार तड़के अपने एक्स हैंडल पर ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से युद्ध में प्रस्तावित युद्ध विराम के बारे में बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि अमेरिका के 15 और ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव के बाद शांति का यह अवसर मिला है। बयान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सैन्य प्रमुख का आभार जताया गया है। इसमें कहा गया है कि दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान के सशस्त्र बलों के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं का ध्यान रखते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग संभव होगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका-इजराइल के 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान में अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की मौत हो गई थी। इसके बाद छिड़ा युद्ध खाड़ी देशों तक फैल गया। होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान ने कड़ा पहरा बैठा दिया। जहाजों के आवागमन पर रोक लगा दिया। इससे सारी दुनिया में तेल और गैस का संकट पैदा हो गया। संघर्ष विराम पर सहमत होने के बावजूद ईरान ने इस बात पर जोर दिया है कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत संघर्ष की समाप्ति का संकेत नहीं होगी, बल्कि कूटनीतिक प्रयासों के विस्तार के रूप में होगी।
यह अमेरिका की जीत हैः व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने अमेरिका-ईरान सीजफायर समझौते को अमेरिका की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि इसे राष्ट्रपति ट्रंप और जाबांज सेना ने मुमकिन बनाया। उन्होंने एक्स पर कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान ने प्रशासन को कड़ी बातचीत करने का मौका दिया, जिससे अब एक कूटनीतिक समाधान और लंबे समय तक शांति की राह खुली है। उन्होंने लिखा, “इसके अलावा राष्ट्रपति ने होर्मुज को फिर से खुलवाया।”
ईरान की शर्तों पर ही बढ़ेंगे अगले कदमः ईरानी अधिकारी अमेरिका के साथ इस सीजफायर समझौते को ईरान के लिए एक “जीत” के तौर पर पेश कर रहे हैं। वह अब नागरिकों से वादा कर रहे हैं कि अब अगले कदम ईरान की शर्तों पर बढ़ेंगे। वह कह रहे हैं कि अमेरिका ने ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव को मानकर ही संघर्ष विराम पर सहमति जताई है। वह कह रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन गई है। इस जंग से ईरान को वही मिला जो वह चाहता था।