अमरनाथ यात्रा’ के लिए सीआरपीएफ ने एनएच-44 पर की कड़ी सुरक्षा

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जम्मू, 01 मई (हि.स.)। श्री अमरनाथ यात्रा व सचिवालय के कर्मचारियों और अभिलेखों को जम्मू से श्रीनगर स्थानांतरण’ के मद्देनजर सीआरपीएफ की 84 बटालियन ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर पर बढ़ा दिया है।

 

सचिवालय के कर्मचारी 30 अप्रैल की सुबह से जम्मू से श्रीनगर की ओर रवाना हो चुके हैं ताकि 4 मई को श्रीनगर सचिवालय में अपनी ड्यूटी पर उपस्थित हो सकें।

 

रामबन के चंदरकोट क्षेत्र में स्थित सीआरपीएफ की 84 बटालियन का अधिकार क्षेत्र नशरी में स्थित 9.8 किलोमीटर लंबी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग से लेकर डिगडोल तक फैले एनएच-44 के 47 किलोमीटर के क्षेत्र पर है। बटालियन ने राजमार्ग पर विशेष रूप से महत्वपूर्ण सामरिक और रणनीतिक दृष्टि बिंदुओं पर, अपने जवानों को पूरी ताकत से तैनात किया है।

 

सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन रणबीर सिंह ने कहा, “हर साल की तरह, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में ‘दरबार मूव’ की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जम्मू में कार्यालय बंद हो गए हैं और 4 तारीख को श्रीनगर में खुलेंगे। हम राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के 47 किलोमीटर हिस्से की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं जो जम्मू और कश्मीर घाटी को जोड़ता है।”

 

सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन रणबीर सिंह के अनुसार श्रीनगर जा रहे मंत्रियों, अधिकारियों, राजनेताओं, विधायकों और कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ ने बॉम्बे डिस्पोजल स्क्वाड, स्निफर डॉग स्क्वाड और ड्रोन तैनात किए हैं।

 

हमारे अधिकांश जवान मौके पर तैनात रहेंगे। आईईडी रोधी टीमों, बम निरोधक दस्तों, खोजी दस्ते, ड्रोन और त्वरित कार्रवाई टीमों सहित हमारे सभी संसाधन हमारे उत्तरदायित्व क्षेत्र में रणनीतिक रूप से तैनात किए जाएंगे। शांतिपूर्ण और सफल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हम राजमार्ग पर पूरी तरह से नियंत्रण रखेंगे।

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