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नीट संकटः परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल

- डॉ. सत्यवान सौरभ भारत की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था केवल प्रवेश की प्रक्रिया नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, अवसर और प्रतिभा-परीक्षण का आधार है। जब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा को लेकर…

राष्ट्र की पुकार का जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक उपयोग तथा पश्चिम एशिया संकट के बीच सोने की खरीद को टालने की अपील की है। लोगों को देश के प्रधानमंत्री की इस अपील…

नशे के खिलाफ अभियान

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सभी हितधारकों को साथ लेकर व्यापक अभियान चलाकर क्षेत्र से नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए सराहनीय कदम उठाए हैं। उतना ही सराहनीय कदम उन लोगों पर शिकंजा कसने का है जो…

एनसीआरबी के आंकड़े और हमारे बच्चों से जुड़ी ये सच्चाई!

-डॉ. निवेदिता शर्मा देश में बढ़ती छात्र आत्महत्याएं हमारे सामने वर्तमान दौर की उस सामाजिक और शैक्षिक व्यवस्था का आईना है, जिसमें बचपन धीरे-धीरे दबाव, प्रतिस्पर्धा और अपेक्षाओं के नीचे दम तोड़ रहा है।…

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका-भारत अंतर संचालन क्षमता को मजबूती

-चार्वी अरोड़ा, अमेरिकी दूतावास महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और व्यापारिक रास्तों से लेकर आपदा प्रतिक्रिया तक, हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के केंद्र में है। अमेरिका को इस विशाल क्षेत्र में सैन्य संचालन के लिए…

**अदालती देरी से परे न्याय**

राष्ट्रीय लोक अदालतें वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्रों में से एक प्रभावशाली व्यवस्था हैं, जो उन लोगों को बड़ी राहत प्रदान करती हैं जो न्यायालयों में लंबित मामलों या पूर्व-विवाद चरण के विवादों का सामना कर रहे हैं। इन मामलों का…

सामाजिक -आध्यात्मिक योगदान देने वाली विदुषी- संत मुक्ताबाई

गिरीश जोशी महाराष्ट्र की संत परंपरा में संत मुक्ताबाई का नाम अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ लिया जाता है। वे केवल संत ज्ञानेश्वर की छोटी बहन ही नहीं थीं, बल्कि स्वयं एक उच्चकोटि की संत, दार्शनिक चिंतक और कवयित्री थीं। वारकरी…

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (12 मई) पर विशेष) फ्लोरेंस नाइटिंगेल जो कर गईं, वह बेमिसाल

योगेश कुमार गोयल दया और सेवा की प्रति मूर्ति फ्लोरेंस नाइटिंगेल को आधुनिक नर्सिंग का जन्मदाता माना जाता है। उनकी इस वर्ष हम 206वीं जयंती मना रहे हैं। प्रतिवर्ष उनकी जयंती को 12 मई को एक विशेष थीम के साथ अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस…

10 मई 1857 : मेरठ से सशस्त्र क्राँति का उद्घोष

-रमेश शर्मा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मई 1857 को मेरठ सैन्य छावनी से आरंभ हुई सशस्त्र क्राँति पूरे देश में फैली। यद्यपि अंग्रेजों से भारत की मुक्ति के लिये इससे पहले भी सशस्त्र संघर्ष हुये किन्तु मेरठ क्राँति का स्वर पूरे…

बंगाल में सत्ता परिवर्तन से आगे बढ़कर सामाजिक पुनर्जागरण की दस्तक

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार का गठन निश्चित ही राज्य की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक दिशा बदलने वाले निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व…