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बिगड़ती कानून-व्यवस्था
यह सही समय है कि जम्मू और कश्मीर पुलिस कमर कस ले और जम्मू शहर और उसके आसपास बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाए, क्योंकि कानून-व्यवस्था हर दिन बिगड़ती जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, तीन दिन पहले रोहिंग्या अप्रवासियों की बस्ती किरयानी तालाब इलाके…
यमुना बची तो दिल्ली भी बच जाएगी
मनोज कुमार मिश्र
विकास के नाम देश की राजधानी के विनाश के एक प्रयास पर उच्चतम न्यायालय ने अपने ही फैसले को पलटकर रोक लगा दी। इस फैसले से अब दिल्ली को कुछ हरा-भरा रखने में अपनी भूमिका निभाने वाली अरावली पर्वतमाला के खनन पर पूरी…
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
अंगूठे का नियम यह होना चाहिए कि सुविधा कभी भी सुरक्षा से ज़्यादा महत्वपूर्ण न हो, खासकर जब मामला आसमान में यात्रा करने वाले यात्रियों की जान से जुड़ा हो।
इस संदर्भ में, यह बहुत ज़रूरी हो गया है कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल…
वैश्विक मंच पर भारतीय समुदाय की आर्थिक, सामाजिक और पेशेवर साख
डॉ. मयंक चतुर्वेदी
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साझा की गई ‘इमिग्रेंट वेलफेयर रिसिपिएंट रेट्स’ की सूची ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारतीय समुदाय की आर्थिक, सामाजिक और पेशेवर साख को उजागर कर दिया है। 120 देशों के नामों वाली इस सूची में भारत का…
200 यूनिट्स कहाँ हैं?
यह सच में हैरान करने वाली बात है कि जिस व्यक्ति को जम्मू और कश्मीर के लोगों ने इस भरोसे के साथ मुख्यमंत्री चुना था कि वह चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरा करेगा, अब वह अपने वादों से मुकर रहा है, चाहे वह 200 यूनिट मुफ्त बिजली हो या…
दृष्टिहीनों की शिक्षा में ब्रेल लिपि की भूमिका
- योगेश कुमार गोयल
ब्रेल लिपि नेत्र विकारों वाले व्यक्तियों और दृष्टि विकलांग लोगों के लिए पढ़ने और लिखने की स्पर्शनीय प्रणाली है, जिसकी खोज 4 जनवरी 1809 को फ्रांस के कूपवरे में जन्मे लुई ब्रेल ने महज 15 वर्ष की आयु में की थी। संचार के…
भारत के अलग-अलग आर्थिक सेक्टरों का कैसा रहेगा अनुमानित विकास
-पंकज जगन्नाथ जयस्वाल
भारत 2026 में दृढ़ संकल्प और स्पष्टता के साथ बढ़ रहा है। देश एक क्लीनर एनर्जी बेस बना रहा है। ज़्यादा मज़बूत औद्योगिक माहौल। प्रतिभा की एक बेहतर पाइपलाइन। एक ज़्यादा नवोन्वेषी सेवा उद्योग। इन सभी बदलावों से अवसर…
इंदौरः स्वच्छता की चादर से ढंकी गंदगी
प्रमोद भार्गव
इंदौर मध्य प्रदेश ही नहीं देश के स्वच्छतम शहरों की श्रेणी में रहा है लेकिन अब इसकी आई सच्चाई ने उजागर कर दिया कि इस महानगर की गंदगी को स्वच्छता की चादर से ढंक दिया गया था। जिससे इंदौर को देशव्यापी स्वच्छता का खिताब मिलता…
यूनानी अर्थशास्त्री ने दुनिया को सुनाई भारत की अनूठी विकास गाथा
- डॉ. मयंक चतुर्वेदी
इक्कीसवीं सदी की वैश्विक राजनीति सैन्य ताकत, खुले टकराव या वैचारिक ध्रुवीकरण तक सीमित नहीं रह गई है। यह सदी उन देशों की भी है, जिनके लिए युद्ध, धमकी और विचारधारात्मक वर्चस्व कोई मायने नहीं रखता है, ये तो अपनी…
अभी भी सबक नहीं सीखा गया
किश्तवाड़ के दच्छन इलाके के ताचना गांव में कथित तौर पर लगभग 20 घरों को जलाकर राख कर देने वाली भीषण आग ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि संबंधित पक्षों ने अभी तक सबक नहीं सीखा है, क्योंकि जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में…