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वैश्विक शक्ति प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की आत्मनिर्भरता
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
आज के वैश्विक परिदृश्य में आत्मनिर्भरता किसी भी राष्ट्र की रणनीतिक स्वायत्तता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति की स्वतंत्रता का आधार बन चुका है। विशेष रूप से भारत जैसे विकास की गति में…
संत रविदास का जीवन-संदेश और समरस भारत की दिशा
- कैलाश चन्द्र
हरियाणा के समालखा स्थित माधव सृष्टि में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 2026 में संत शिरोमणि संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर व्यक्त विचार केवल…
पाकिस्तान की ड्रोन-नार्कोटिक्स साजिश
यह चिंताजनक है कि पाकिस्तान लगातार जम्मू-कश्मीर की बुनियाद को कमजोर करने के लिए नए और खतरनाक षड्यंत्र रच रहा है तथा वहां अशांति फैलाने के लिए भारी धन खर्च कर रहा है। अपने ताज़ा अवैध प्रयास में इस दुष्ट देश ने नशीले…
भावनाओं के सैलाब में उमड़ा इच्छा मृत्यु का निर्णय
- डॉ. रमेश ठाकुर
गाजियाबाद निवासी 32 वर्षीय हरीश राणा की इच्छा मृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ऐसा भावनात्मक फैसला है जो भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में पहली बार लिया गया। कोर्ट के आदेशानुसार इच्छा…
अमेरिका में भारतीयों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं से उपजे सवाल
अमेरिका में भारतीयों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं से उपजे सवाल
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
अमेरिका स्वयं को दुनिया का सबसे विकसित और सबसे बड़ा लोकतांत्रिक समाज बताता है। वह मानवाधिकार, समानता और बहुसांस्कृतिक समाज की बात भी…
निवारक स्वास्थ्य देखभाल में अग्रणी भूमिकानिभा रहा है योग
प्रतापराव जाधव
बीते दशक में योग को केवल पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धति के रूप में ही नहीं सराहा गया, बल्कि उसे उत्तरोत्तर रूप से स्वास्थ्य और कल्याण के लिए साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण के रूप में भी पहचाना जाने लगा है। वैज्ञानिक…
*ईंधन संकट से पर्यटन क्षेत्र पर मंडराया खतरा**
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ऐसा लगता है कि जम्मू-कश्मीर का पर्यटन क्षेत्र एक बार फिर दुर्भाग्य का शिकार हो गया है, क्योंकि इस वर्ष भी पर्यटन सीजन शुरू होने से ठीक पहले एलपीजी की अभूतपूर्व कमी ने हितधारकों को गंभीर दुविधा में डाल दिया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले…
वैक्सीन, जिम्मेदारी और न्याय का संतुलन: सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा नीति पर दिया महत्वपूर्ण संकेत
राेहित पारीक
कोविड-19 महामारी ने दुनिया को यह सिखाया कि एक सूक्ष्म वायरस भी पूरी मानव सभ्यता को चुनौती दे सकता है। साल 2020 में जब यह वायरस तेजी से फैला, तो अस्पतालों में मरीजों की भीड़, खाली पड़ी सड़कें और भय का माहौल पूरी…
*उपचार करने वाली मशीनों की खामोशी**
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जम्मू-कश्मीर में यह एक दुर्भाग्यपूर्ण परंपरा बन चुकी है। एक मरीज सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर की लिखी एमआरआई या सीटी स्कैन की पर्ची लेकर आता है। वह इंतज़ार करता है। फिर उसे साधारण-सी बात की तरह बताया जाता है कि मशीन…
विपक्ष की भूमिका पर उठते सवाल
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्था संसद है। यही वह मंच है जहाँ जनता के प्रतिनिधि देश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करते हैं, सरकार से जवाबदेही मांगते हैं और राष्ट्रीय हित में नीतियों…