वैश्विक संकटों के बीच PM मोदी का नेतृत्व भारत को मज़बूत बनाए रखता है: सिन्हा
**जम्मू में ‘वंदे मातरम्’ विशेष चरण के समापन समारोह में उपराज्यपाल शामिल**
जम्मू, 30 मार्च: उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि “वंदे मातरम् हमारी पहचान, शक्ति और संकल्प है। यह केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता के ताने-बाने में रचा-बसा एक गहन अनुभव है। वंदे मातरम् के गायन और उससे जुड़े कार्यक्रम अमर शहीदों की यादों को ताजा करते हैं, उनके बलिदानों का सम्मान करते हैं और भारत की महिमा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पुनः जागृत करते हैं।”
उपराज्यपाल जम्मू के अभिनव थिएटर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष चरण के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह विशेष चरण 23 मार्च से 30 मार्च 2026 तक ‘शहीदी दिवस’ के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के महान शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया था।
उन्होंने समाज के हर वर्ग से एक साझा सपना अपनाने का आह्वान किया—भारत को दुनिया का महानतम राष्ट्र बनाना। उन्होंने कहा, “हमें इसे साकार करने के लिए एकजुट होना होगा। जब जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देगा, तो यह सामूहिक भावना एक अजेय शक्ति बन जाएगी।”
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल हुआ है, विकास के नए मानक स्थापित किए हैं और ‘वंदे मातरम्’ व ‘हर घर तिरंगा’ जैसे आयोजनों के माध्यम से गहरी देशभक्ति का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने बताया कि ‘वंदे मातरम् @150 वर्ष’ अभियान के पहले चरण (7-14 नवंबर 2025) में भारत के शीर्ष 10 जिलों में से 9 जम्मू-कश्मीर से थे, जिसमें किश्तवाड़ पहले स्थान पर रहा। दूसरे चरण (19-26 जनवरी 2026) में भी शीर्ष 10 में से 6 जिले जम्मू-कश्मीर से थे, जिसमें पुंछ अग्रणी रहा।
उपराज्यपाल ने कहा कि इन आयोजनों में जनता की भारी भागीदारी और इसके मूल्यों को अपनाना भविष्य के लिए परिवर्तनकारी शक्ति का संकेत है। उन्होंने कहा, “किसी भी क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत उसके भविष्य की कल्पना करने की क्षमता में होती है, और जम्मू-कश्मीर में मैं इस क्षमता को फलते-फूलते देख रहा हूं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्ची देशभक्ति शांति और प्रगति की नींव है। यह जिम्मेदारी की भावना और योगदान की भावना है, जो हमें एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए प्रेरित करती है।
उपराज्यपाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ उन सपनों, लक्ष्यों और संकल्पों का प्रतीक है, जिनके लिए पीढ़ियों ने संघर्ष किया। यह विशेष सप्ताह हमें इतिहास और आकांक्षाओं के संगम पर चिंतन का अवसर देता है और उन असंख्य बलिदानों को याद करने का मौका देता है, जिनकी बदौलत हमें आजादी, एकता और गौरव मिला।
उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् हमें अपने अतीत का सम्मान करने, वर्तमान को सशक्त बनाने और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है। यह एक केंद्र शासित प्रदेश स्तर का आत्ममंथन था, जिसने जनभागीदारी के माध्यम से सांस्कृतिक जड़ों को पुनर्जीवित किया और हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाया।”
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक वैश्विक संकटों ने कई देशों को प्रभावित किया, लेकिन प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत मजबूत बना रहा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखी।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री राष्ट्र के कल्याण के लिए दिन-रात निरंतर कार्य कर रहे हैं। हमें उनके संकल्प से प्रेरणा लेकर एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ना चाहिए।”
उपराज्यपाल ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और सभी वर्गों से नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाने और जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान भी किया।
इससे पहले उपराज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को दर्शाती एक फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के कलाकारों और क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू के छात्रों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर विधायक श्री युधवीर सेठी, श्री विक्रम रंधावा और श्री अरविंद गुप्ता; मुख्य सचिव श्री अटल डुल्लू; अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शालीन काबरा और श्री शैलेन्द्र कुमार; प्रमुख सचिव संस्कृति श्री बृज मोहन शर्मा; आयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा श्री राम निवास शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पद्मश्री डॉ. जितेंद्र उदमपुरी, पद्मश्री डॉ. एस.पी. वर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नागरिक और बड़ी संख्या में युवा भी समारोह में शामिल हुए।