वित्त विधेयक 2026 लोकसभा में ध्वनिमत से पारित

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नयी दिल्ली, 25 मार्च (वार्ता) लोकसभा ने वित्त वर्ष 2026-2027 में सरकार के बजट प्रस्तावों को लागू करने के लिए अहम वित्त विधेयक 2026 को बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक पर दो दिन चली चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए करो में सुधार कर कारोबार को आसान बनाने के लिए काम कर रही है। उनका कहना था कि विदेश जाने वाले पर्यटकों के लिए करो में छूट दी गई है और जो विदेश से जरूर का सामान लाते हैं उनको एयरपोर्ट पर दिक्कत ना हो इसे निर्बाध और सरल बनाने का काम किया गया है। उनका कहना था कि आयकर व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए इसका सरलीकरण किया गया है ताकि लोगों को व्यवसाय बढ़ाने तथा करदाताओं को आसानी हो।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटा कम करना उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है और इसे धीरे धीरे कम किया जा रहा है। उनका कहना था की 2020-21 राजकोषीय घाटा 9.3 प्रतिशत था जो अब तक 4.3 प्रतिशत काम हुआ है। इसी तरह से विश्व स्तर में ऋण में भी भारत, चीन, जापान और अमेरिका जैसे देश से कई अधिक बेहतर स्थिति में है। उनका कहना था कि देश का आर्थिक आधार मजबूत है और अब कोई भी बड़ा संकट सरकार की आर्थिक आधार को कमजोर नहीं कर सकता है। उनका कहना था कि 2008 के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय में आये मामूली आर्थिक संकट ने सरकार को हिला दिया था।

 

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जो सुधार कर रही है वे मजबूरी में नहीं बल्कि स्पष्ट मंशा और विश्वास दृढ़ विश्वास के साथ किये जा रहे है।

 

उनकी सरकार राष्ट्र निर्माण के विकास की सतत प्रक्रिया के तहत काम कर रही है। यह कार्य एक रात में होने वाला नहीं है। देश के 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में सुधार हो रहे गेन और ये सुधार किसी दबाव में नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास के साथ किए जा रहे हैं और देश में सुधारों की प्रक्रिया स्टेट गई और ‘एक्सप्रेस-वे’ पर आगे बढ़ रही है। सरकार का फोकस भरोसे पर आधारित कर व्यवस्था बनाने पर है, जिसके तहत ईमानदार करदाताओं के लिए परेशानियां कम की जा रही हैं। कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

 

उन्होंने कहा विधेयक में कर प्रशासन को बेहतर कर आम लोगों परेशानियों को कम किया गया है। किसानों को मजबूत करने का काम किया जा रहा है क्योंकि वे देश की रीढ है। भारत को एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए कर संबंधी कई सुधार लाये गये हैं जिसमें इलेक्ट्रोनिक, विनिर्माण समेत कई क्षेत्रों में तेजी से काम किया जा रहा है। व्यवसाय में आसानी लाने और सीमा शुल्क को ठीक करने की दिशा में सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे है।

 

वित्त मंत्री ने कांग्रेस के अमर सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मध्यम वर्ग के लिए बहुत कुछ किया गया है।आम लोगों को राहत देने के लिए 17 जरूरी जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त किया गया है। इससे इन दवाओं की कीमतें कम होने की उम्मीद है और मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि विदेशों से सामग्री लाने में अब लोगों को किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं होगी। इसका भी मध्यम वर्ग को लाभ मिलेगा।

 

उन्होंने कहा के पर्यटक विदेश जाते हैं उनके लिए कर को हटाया गया है और जो बच्चे विदेश में पढ़ते हैं उनके लिए लगने वाले शुल्क दवाइयां खाद्य सामग्री आदि की शुल्कों की घटाया गया है। विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए खर्च को तर्कसंगत बनाया गया है और इस यात्रा के दौरान जो मत यात्री सामान लाना चाहते हैं उसे भी सरल बनाया गया है ताकि लोगों को सामान लाने में दिक्कत ना हो इन सबको सरल बनाया गया है। सरकार ने यह कदम मध्य वर्गों और आम नागरिकों के हिट के लिए उठाया है।

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