**विधायकों के खिलाफ ऑनलाइन दुष्प्रचार पर विधानसभा में होगी चर्चा** **फेक न्यूज और भ्रामक सूचना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग**

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जम्मू तवी, 12 फरवरी: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठर ने गुरुवार को घोषणा की कि चल रहे बजट सत्र के दौरान विधायकों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑनलाइन दुष्प्रचार अभियानों पर सदन में आधे घंटे की चर्चा कराई जाएगी।

 

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक आर.एस. पठानिया ने कहा कि फेक न्यूज का मुद्दा पूरी दुनिया के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “यह मुद्दा जम्मू-कश्मीर जैसी संवेदनशील भूमि से भी संबंधित है।”

 

पठानिया ने बताया कि एक राष्ट्रीय पार्टी द्वारा उनका एक छेड़छाड़ किया गया वीडियो साझा किए जाने के बाद उन्होंने विभिन्न विभागों और प्राधिकरणों से संपर्क किया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “मेरे सहयोगी पवन गुप्ता ने एक अप्रमाणित चैनल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।” उन्होंने फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

 

विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की शिकायतें अक्सर प्राप्त होती हैं। उन्होंने कहा, “उन्होंने (पठानिया) सही कहा कि प्रवर्तन तंत्र को सक्रिय किया जाना चाहिए। यह किसी की प्रतिष्ठा का प्रश्न है। माननीय सदस्यों ने पिछले वर्ष भी और इस वर्ष भी इस पर चिंता जताई है। ऐसे कृत्यों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। कोई भी कुछ भी कह सकता है।”

 

सामाजिक कल्याण मंत्री सकीना इटू ने कहा कि इस मुद्दे पर सूचना विभाग के साथ बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा, “सदस्य की चिंता पूरे सदन की चिंता है। हम यह नहीं बता सकते कि उन्होंने किस तरह से नुकसान पहुंचाया है। हर दिन किसी न किसी की छवि धूमिल की जा रही है।”

 

गुरेज के विधायक नजीर गुरेजी ने कहा कि उनके खिलाफ एक मानहानिकारक वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें उन पर नौकरी के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया गया। उन्होंने इस मुद्दे पर एक घंटे की चर्चा कराने का अनुरोध किया।

 

मामले में हस्तक्षेप करते हुए सकीना इटू ने आगे कहा कि राजनेता स्वयं एक-दूसरे के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “यदि इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो हम राजनेता ही हैं। हम एक-दूसरे को बदनाम कर रहे हैं। ये वीडियो सबसे पहले राजनेताओं के सोशल मीडिया खातों पर ही दिखाई देते हैं।”

 

इन चिंताओं के जवाब में विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि सदन इस विषय पर चर्चा करेगा। उन्होंने कहा, “यह मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों से चर्चा की मांग आ रही है। हम इस पर चर्चा करेंगे। कृपया लिखित में नोटिस दें। इस सत्र के दौरान हम इस विषय पर आधे घंटे या एक घंटे की चर्चा करेंगे।”

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