2019 के बाद से बुनियादी ढांचे में हुई तीव्र वृद्धि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में अभूतपूर्व है- उपराज्यपाल सिन्हा
जम्मू, 14 नवंबर (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के लिए 2019 के बाद से हालात पहले कभी इतने अच्छे नहीं रहे। उन्होंने कहा कि 2021 से जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और 2019 के बाद से बुनियादी ढांचे में हुई तीव्र वृद्धि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व है।
उपराज्यपाल ने कहा कि औद्योगीकरण के हमारे प्रयास प्रभावशाली वृद्धि दर्शा रहे हैं। हमने जम्मू कश्मीर को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाने और अपने लोगों के लिए कहीं अधिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए साहसिक निर्णय लिए हैं।उपराज्यपाल जम्मू के एमए स्टेडियम में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के पहले चरण के समापन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर 20,000 से अधिक छात्रों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया और एक विशाल जनसमूह को इसमें भाग लेने का अवसर मिला। दूसरा चरण 9 जनवरी 2026 से शुरू होगा। इस समारोह का आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया गया था।
उपराज्यपाल ने वंदे मातरम के 150वें वर्ष के समारोह में ऐतिहासिक भागीदारी के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी। उन्हाेंने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि राष्ट्रीय गीत के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित सप्ताह भर के समारोह में समग्र भागीदारी में जम्मू-कश्मीर ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आज, 20,000 से अधिक छात्रों और नागरिकों ने राष्ट्रीय गौरव का एक सशक्त प्रदर्शन करते हुए इसमें भाग लिया।
उपराज्यपाल ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और समाज को प्रेरित करने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने माँ भारती और उनके पुत्रों के बीच के बंधन को मजबूत किया और लोगों को स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि हर भारतीय के हृदय में एक आंतरिक गीत है और वह है वंदे मातरम। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब कोई वंदे मातरम गाता था तो दूसरे हृदय उसे गुनगुनाते थे। इस प्रकार एक मजबूत बंधन बना जो आज की युवा पीढ़ी को माँ भारती की सेवा के लिए प्रेरित करता है। उपराज्यपाल ने कहा कि समाज के हर वर्ग को बंकिम चंद्र के विचारों और आदर्शों का प्रसार करना चाहिए जिन्होंने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को आकार दिया और उनकी भावना का उपयोग जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को भविष्य में आगे ले जाने के लिए करना चाहिए।
उपराज्यपाल ने कहा कि हमें एक शांतिपूर्ण और समृद्ध जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के निर्माण में वह साहस, बुद्धिमत्ता और दृढ़ विश्वास दिखाना होगा जिसकी बंकिम चंद्र हमसे अपेक्षा करते थे। उपराज्यपाल ने प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने, औपनिवेशिक अतीत के अवशेषों को त्यागने और भाईचारे और समानता की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में हर घर तिरंगा और वंदे मातरम जैसे कार्यक्रमों में नागरिकों की भारी भागीदारी इस बात का संकेत है कि केंद्र शासित प्रदेश अपने अतीत को भुलाकर एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है। हालाँकि यह परिवर्तन कुछ लोगों को बहुत पीड़ा पहुँचा रहा है। समाज में अभी भी कुछ तत्व छिपे हुए हैं जो हमारे युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले हमारे ध्यान में आए हैं। हमें ऐसे तत्वों को समाज से उखाड़ फेंकना होगा। हमें आतंकवादी तत्वों को अलग-थलग करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अस्तित्व के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सहायता प्रणालियाँ न दी जाएँ। समाज की सामूहिक कार्रवाई आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
इंजीनियर गुलाम अली खटाना और सत शर्मा संसद सदस्य राज्यसभा; भारत भूषण अध्यक्ष जिला विकास परिषद जम्मू; विधान सभा सदस्य; नलिन प्रभात डीजीपी; प्रशासनिक सचिव; वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक, छात्र और विभिन्न क्षेत्रों के लोग समापन समारोह में शामिल हुए।