जावेद राणा ने जम्मू के बाढ़ प्रभावित गाँवों का दौरा किया

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जम्मू 29 अगस्तं जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण, तथा जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने जम्मू क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गाँवों, जिनमें भर्मिनी, घूरा, सरारी, बठिंडी, सुंजवान और चट्ठा शामिल हैं, का व्यापक दौरा किया ताकि ज़मीनी स्थिति का आकलन किया जा सके और चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण किया जा सके।
इस दौरे के दौरान, मंत्री ने पुनर्वास प्रयासों में तेज़ी लाने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया और सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता प्रदान करने की उमर अब्दुल्ला सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा, “एक सरकार के रूप में हम कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं कि इस आपदा से प्रभावित लोगों की ज़रूरतों पर तेज़ी और सहानुभूति के साथ काम करें। हमारा ध्यान तत्काल राहत, पुनर्वास और आवश्यक सेवाओं की बहाली पर है।“
राणा ने डोंगी हायर सेकेंडरी स्कूल में राहत शिविर का दौरा किया, जहाँ भर्मिनी गाँव से विस्थापित कई परिवारों को अस्थायी रूप से आश्रय दिया गया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी चिंताओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा और शिविर में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
प्रभावित समुदायों के लिए सुरक्षित पेयजल की तत्काल आवश्यकता को समझते हुए, मंत्री ने क्षतिग्रस्त जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए और उन्हें युद्धस्तर पर पूरा करने का आह्वान किया।
इस बीच, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकर तैनात करने के निर्देश दिए।
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि कोई भी प्रभावित परिवार बुनियादी ज़रूरतों से वंचित न रहे, मंत्री राणा ने अधिकारियों को सभी विस्थापित परिवारों को राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं, जिनमें आवश्यकतानुसार पका हुआ भोजन भी शामिल है, की पर्याप्त और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में कोई भी वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए दैनिक भोजन वितरण का प्रभावी प्रबंधन किया जाना चाहिए।“
राहत स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति के बारे में स्थानीय लोगों की शिकायतों पर चिंता व्यक्त करते हुए, राणा ने अपनी नाराज़गी व्यक्त की और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों और शिविरों का नियमित दौरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अधिकारियों को लोगों की चिंताओं को सीधे सुनना चाहिए, उनकी तत्काल ज़रूरतों को समझना चाहिए और ज़मीनी स्तर पर चल रहे प्रयासों की निगरानी करनी चाहिए।
मंत्री ने चट्ठा गाँव का भी दौरा किया, जहाँ बाढ़ के कारण कई घरों और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार समय पर राहत, प्रभावी पुनर्वास और सभी आवश्यक सेवाओं की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है। अंतर्विभागीय समन्वय के महत्व पर ज़ोर दिया और अधिकारियों को बहाली प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए एकी.त और सक्रिय .ष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, “लोगों के जीवन में सामान्य स्थिति लाने के लिए समय पर कार्रवाई और विभागों के बीच सहयोग बेहद ज़रूरी है। हर प्रयास तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।“
मंत्री ने अपने दौरे का समापन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार की इस संकट की घड़ी में लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और उनकी राहत व पुनर्वास के लिए हर ज़रूरी कदम उठाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए किया।

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