संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही हुईस्थगित

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की स्पेस स्टेशन यात्रा पर चर्चा न हो पानादुर्भाग्यपूर्ण : राजनाथ सिंह

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नई दिल्ली । सोमवार संसद की कार्यवाही प्रारंभ होने पर संसद के दोनोंसदनों, लोकसभा व राज्यसभा में विपक्षी दलों के सांसदों ने एक बार फिरसे जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। विपक्ष के ये सांसद मतदाता सूचीव चुनावी लोकतंत्र संबंधी विषयों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कररहे थे। विपक्ष का कहना था कि सदन के अन्य सभी विषयों को स्थगितकरके सबसे पहले ये चर्चा कराई जाए। राज्यसभा के उपसभापति ने पहलेसे तय नियमों का हवाला दिया और विपक्ष को अनुमति नहीं मिली।अनुमति न मिलने पर सदन में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाहीस्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा के उपसभापति ने सोमवार को सदन केभीतर बताया कि उन्हें विभिन्न सांसदों ने नियम 267 के तहत चर्चा के 19 नोटिस दिए हैं। नियम 267 के अंतर्गत यह प्रावधान है कि सदन के अन्यसभी कार्यों को स्थगित कर चर्चा कराई जाती है। इस चर्चा के उपरांतवोटिंग भी हो सकती है। उपसभापति हरिवंश नारायण ने बताया कि उन्होंने19 नोटिस मिलें हैं जिनमें चार अलग-अलग विषयों पर चर्चा की मांग कीगई है। उपसभापति ने यह भी बताया कि कई सदस्यों ने ऐसे विषयों परचर्चा की मांग उठाई है जो कि न्यायालय में विचाराधीन हैं। उपसभापति नेकहा कि अदालत में लंबित मामलों पर सदन में चर्चा नहीं की जाती है।इसके साथ उन्होंने कहा कि 11 सदस्यों द्वारा दिए गए नोटिस सही तरह सेनियमों का पालन करते हुए नहीं दिए गए हैं। इसके साथ ही उपसभापति नेनियम 267 पर पूर्व में लिए गए निर्णय का हवाला दिया और सभी नोटिसोंको अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद अपने स्थानों से खड़ेहोकर आगे आ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। सदन में हंगामाहोता देख उप उपसभापति ने सांसदों से अपने स्थान पर वापस जाकरबैठने को कहा। उन्होंने राज्यसभा में शून्यकाल एवं प्रश्नकाल चलने देनेका आग्रह किया। लेकिन विपक्षी सांसद इसके लिए राजी नहीं हुए; वेअपनी सीटों से उठकर आगे आ गए और लगातार नारेबाजी करते रहे।विपक्षी सांसद अपने दिए गए विषयों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। सदनमें हंगामा बढ़ता देख उप उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजेतक के लिए स्थगित कर दी। उधर लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने केतुरंत बाद ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसद अपने स्थानों से उठकरवेल में आ गए और उन्होंने लगातार नारेबाजी की। सदन में हंगामे के बीचकुछ देर प्रश्नकाल चला लेकिन हंगामा बढ़ता देख लोक लोकसभा अध्यक्षने सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।गौरतलब है कि सोमवार को राज्यसभा में इंडियन पोर्ट बिल आना है।केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल यह विधेयक सदन में रखेंगे। इसका उद्देश्यबंदरगाहों से संबंधित कानूनों का एकीकरण करना, एकीकृत बंदरगाहविकास को प्रोत्साहन देना, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देना तथा भारत कीसमुद्री तटरेखा का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना है। साथ ही प्रमुखबंदरगाहों के अतिरिक्त अन्य छोटे बंदरगाहों के प्रभावी प्रबंधन हेतु राज्यसमुद्री बोर्डों की स्थापना और उन्हें सशक्त बनाना है।

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