राही: पर्यटन विकास को नई रफ्तार

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जम्मू जैसे शहर में, जहां पूरे वर्ष लाखों पर्यटक आते हैं, **राही: हॉप जम्मू बस सेवा** पर्यटकों के लिए एक अत्यंत आवश्यक सुविधा है। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह एक अभिनव पहल है। अमरनाथ यात्रियों को जम्मू के पर्यटन स्थलों का सुविधाजनक और कम खर्च में भ्रमण कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस सेवा का विस्तार अन्य मौसमों, विशेषकर सर्दियों में आने वाले पर्यटकों के लिए भी किया जाना चाहिए, क्योंकि यह जम्मू घूमने का सबसे पसंदीदा समय माना जाता है।

 

यह सराहनीय है कि जिला प्रशासन जम्मू ने जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सहयोग से **राही: हॉप जम्मू बस सेवा** की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। अब पर्यटक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं।

 

इस सेवा की परिकल्पना और योजना बनाने वालों ने बस मार्गों और उनके नामों का चयन सोच-समझकर किया है। जानकारी के अनुसार, **हॉप-ऑन हॉप-ऑफ** सेवा चार विशेष मार्गों— **तीर्थ लाइन, चिनाब लाइन, सरहद लाइन और फन लाइन**— पर संचालित की जाएगी, ताकि पर्यटक धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कर सकें।

 

**तीर्थ लाइन** (₹200 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) तवी रिवर फ्रंट से शुरू होकर बहु किला, बावे वाली माता मंदिर, बाग-ए-बहू, मोह माया मंदिर, तिरुपति मंदिर, अमर महल, रणबीरेश्वर मंदिर और रघुनाथ मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी।

 

**चिनाब लाइन** (₹250 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) अखनूर किला, जिया पोता घाट, पांडव गुफा, गुरुद्वारा तपो स्थान संत बाबा सुंदर सिंह जी, कामेश्वर मंदिर और अम्बारन जैसे स्थलों तक जाएगी।

 

**सरहद लाइन** (₹250 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) सुचेतगढ़ सीमा, ऑक्ट्रॉय पोस्ट, रणबीर सिंह पुरा हेरिटेज रेलवे स्टेशन और घराना वेटलैंड का भ्रमण कराएगी।

 

**फन लाइन** (₹200 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) बहु किला, बाग-ए-बहू, एक्वेरियम, बावे वाली माता मंदिर, अमर महल और जम्बू चिड़ियाघर को जोड़ेगी।

 

सभी बसें तवी रिवर फ्रंट से निर्धारित समयानुसार पूरे दिन संचालित होंगी, जो चारों मार्गों का केंद्रीय बोर्डिंग और प्रस्थान केंद्र होगा।

 

यह सेवा पर्यटकों को जम्मू के धार्मिक और पर्यटन स्थलों के बारे में प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। अक्सर पर्यटक स्वयं इन स्थानों पर जाते हैं, लेकिन वहां के इतिहास और महत्व से अनजान रह जाते हैं। ऐसे में यह पहल उनके अनुभव को और समृद्ध बनाएगी।

 

यदि यह बस सेवा सफल रहती है, तो संबंधित अधिकारियों को मनसर, सुरिनसर, पटनीटॉप तथा अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए भी इसी प्रकार की सेवाएं शुरू करनी चाहिए। इससे पर्यटकों को आरामदायक, सुविधाजनक और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प विक्रेताओं, पारंपरिक खाद्य उत्पादों के प्रदाताओं तथा अन्य हितधारकों को भी पर्यटन से जोड़कर उन्हें बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकते हैं, जिससे पर्यटकों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

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