भारत इंडोनेशिया और आसियान क्षेत्र में प्रगति और समृद्धि की प्रेरक शक्तिः प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रम में कहा कि दोनों देशों के बीच सभ्यता और सागर का संबंध है। दोनों देश विकास के लिए अधीर हैं। उन्होंने कहा कि भारत इंडोनेशिया और आसियान क्षेत्र में प्रगति और समृद्धि लाने के लिए एक प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज जकार्ता में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ भाग लिया। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की प्रगति और समृद्धि में योगदान देने और दोनों देशों के बीच मित्रता के जीवंत सेतु के रूप में कार्य करने के लिए भारतीय प्रवासी समुदाय की सराहना की।
उन्होंने कहा, “आज का भारत सिर्फ अपने सपने पूरे नहीं कर रहा है, बल्कि हर मित्र देशों के सपनों के साथ है। भारत सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चलता है। भारत की आत्मनिर्भरता इंडोनेशिया सहित पूरे आसियान क्षेत्र के लिए गुणक बल है।”
कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा कि अनुवांशिक जांच में उन्हें पता चला है कि उनमें भारतीय डीएनए है। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने भारतीयों के दिलों को छू लिया है। दोनों देशों के बीच डीएनए आपसी विश्वास, साझेदारी और विरासत है।
उन्होंने कहा, “चाहे महानदी पर केले के छाल से बनी छोटी नावों को बहाने की परंपरा हो, वायंग कुलित के माध्यम से महाभारत का मंचन हो, या देवी श्री की पूजा हो, हर परंपरा भारत और इंडोनेशिया के बीच अटूट सांस्कृतिक संबंध को दर्शाती है। इस बंधन का इतिहास जितना प्राचीन है, उतना ही समृद्ध भी है।”
उन्होंने इंडोनेशिया में लोकप्रिय भारतीय गीत ‘कुछ-कुछ होता है…’ का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के साथ काम करने से कुछ से आगे बहुत कुछ होता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया के विकास को गति प्रदान कर रहा है। ऐसा पिछले 12 सालों में देश में हुए रिफार्म के कारण संभव हो पया है। कोरोना और पश्चिम एशिया के संकट से भी भारतीय अर्थव्यस्था न ठप्प हुई और न ही इसकी रफ्तार थमी।
कार्यक्रम में अपने संबोधन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने अपने यहां भी उनका अनुसरण किया है। उन्होंने कहा कि वे भारत की घरेलू राजनीति बारे में कुछ नहीं कहना चाहते लेकिन वे प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक हैं और उन्होंने उनकी नीतियों को अपने यहां कापी किया है।
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अमरनाथ यात्रा और मानसून के बीच एसडीआरएफ का सुरक्षा अभियान तेज, नदियों से दूर रहने की अपील
जम्मू, 07 जुलाई (हि.स.)। श्री अमरनाथ यात्रा-2026 और जारी मानसून सीजन के मद्देनज़र राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की दूसरी बटालियन जम्मू ने यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है।
कमांडेंट दूसरी बटालियन एसडीआरएफ मोहम्मद असलम के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर लोगों को मानसून के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जा रही है।
जम्मू के तवी रिवर फ्रंट स्थित यात्री पंजीकरण केंद्र पर एसडीआरएफ के अधिकारियों ने डिप्टी एसपी ललित कुमार की निगरानी में मेगाफोन के माध्यम से श्रद्धालुओं को नदी के बढ़ते जलस्तर और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी परिस्थितियों के प्रति सतर्क किया। अधिकारियों ने यात्रियों को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि भारी बारिश के कारण तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है जिससे तेज बहाव और जानलेवा हालात पैदा हो सकते हैं। श्रद्धालुओं से नदी के किनारे जाने या उसमें प्रवेश करने से बचने तथा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
इसी तरह अखनूर के सीडी टाउन क्षेत्र में चिनाब नदी के विभिन्न घाटों पर भी एसडीआरएफ की टीमों ने स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और आगंतुकों को जागरूक किया। लोगों को बताया गया कि डोडा और किश्तवाड़ सहित ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। ऐसे में नदी के किनारे जाना या उसमें उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। एसडीआरएफ ने चेतावनी दी कि तेज बहाव, फिसलन भरे तट और पानी के भीतर छिपे खतरे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
एसडीआरएफ ने मानसून सुरक्षा सलाह जारी करते हुए लोगों से नदियों, नालों, झरनों और अन्य जल स्रोतों से दूर रहने, उफनते पुलों या जलमग्न सड़कों को पार करने का प्रयास न करने तथा नदी किनारों पर स्नान, कपड़े धोने या सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की है। बच्चों पर विशेष निगरानी रखने, मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी सलाह दी गई है।
एसडीआरएफ ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति, जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन या अन्य संकट की सूचना तुरंत एसडीआरएफ, पुलिस या जिला प्रशासन को देने का आग्रह किया है। साथ ही यदि प्रशासन किसी क्षेत्र को खाली करने का निर्देश दे तो उसका तुरंत पालन करने की अपील की गई है। अमरनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों पर ही यात्रा करने और जल स्रोतों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा गया है।
एसडीआरएफ की दूसरी बटालियन ने कहा कि उसके जवान संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे तैनात हैं और लगातार निगरानी, त्वरित राहत एवं बचाव, जन-जागरूकता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों के माध्यम से यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विभाग ने सभी नागरिकों से सावधानी बरतने और सामूहिक सुरक्षा के हित में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
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डीजीपी नलिन प्रभात, आईपीएस ने भगवती नगर बेस कैंप में सुरक्षा और लॉजिस्टिकल इंतज़ामों का लिया जायज़ा
जम्मू, 07 जुलाई(हि.स.)। पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात आईपीएस ने आज जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप का दौरा किया और चल रही श्री अमरनाथ जी यात्रा (संजय-2026) के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिकल इंतज़ामों की समीक्षा की। दौरे के दौरान डीजीपी ने सुरक्षा तैनाती, एक्सेस कंट्रोल, निगरानी के उपायों, तीर्थयात्रियों की सुविधा और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का जायज़ा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से बातचीत की और उन्हें निर्देश दिया कि वे सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुचारू यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता, आपसी तालमेल और जनता के अनुकूल पुलिसिंग के उच्चतम मानकों को बनाए रखें। डीजीपी के साथ डीआईजी सीआरपीएफ, डीआईजीज जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज, एसएसपी जम्मू और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।