सतीश शर्मा ने 24वें विशाल भंडारे का किया उद्घाटन, सेवा की भावना को संरक्षित रखने का किया आह्वान**
**स्थानीय किसानों और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले फार्मर्स मार्केट में भी हुए शामिल** **कारगिल शहीद उधयमान सिंह को शहादत दिवस पर दी श्रद्धांजलि**
**जम्मू, 05 जुलाई:** खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा सेवा एवं खेल तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सतीश शर्मा ने आज पंजाब मोगा के नागरिकों द्वारा आयोजित 24वें विशाल भंडारे का उद्घाटन किया। यह आयोजन गहरी धार्मिक आस्था और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
कठुआ जिले के सबसे बड़े वार्षिक भंडारों में शामिल इस आयोजन में जम्मू-कश्मीर तथा पड़ोसी राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं और यात्रियों ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए सतीश शर्मा ने आयोजन समिति और स्वयंसेवकों के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर भंडारे का सफल आयोजन किया और श्रद्धालुओं के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक हैं तथा करुणा, भाईचारा, सांप्रदायिक सौहार्द और निस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों को मजबूत करते हैं।
मंत्री ने कहा कि **सेवा** की परंपरा भारतीय समाज की सबसे मजबूत आधारशिलाओं में से एक है, जो लोगों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर मानवता के कल्याण के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भंडारे में उमड़ी भारी जनभागीदारी जम्मू-कश्मीर की एकता, सद्भाव और पारस्परिक सम्मान की उस भावना को दर्शाती है, जो सदैव इस क्षेत्र की पहचान रही है।
सतीश शर्मा ने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रसाद वितरण, नि:शुल्क आवास, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया और कहा कि आयोजन समिति ने प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और आध्यात्मिक संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय कार्य किया है।
बाद में मंत्री ने सिद्धड़ा स्थित जम्मू तवी गोल्फ कोर्स में आयोजित **’द फार्मर्स मार्केट बाय मेपल एंड आइवी’** का भी दौरा किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय किसान, कारीगर, घरेलू उद्यमी तथा सतत विकास से जुड़े विभिन्न ब्रांड एक मंच पर आए, जहां ताजी कृषि उपज, हस्तनिर्मित उत्पाद, जैविक वस्तुएं तथा पर्यावरण अनुकूल नवाचारों का प्रदर्शन किया गया।
किसानों, कारीगरों और प्रदर्शकों से बातचीत करते हुए सतीश शर्मा ने स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए अधिक बाजार उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। इस प्रकार के आयोजन न केवल सतत कृषि और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का प्रभावी मंच भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने आयोजनकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा बाजार तैयार किया है, जो सामुदायिक सहभागिता, जिम्मेदार जीवनशैली तथा स्थानीय उत्पादों की विविधता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और आर्थिक रूप से समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सतीश शर्मा ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार, मूल्य संवर्धन, उद्यमिता तथा किसानों के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही क्षेत्र की समृद्ध कृषि एवं हस्तशिल्प विरासत के संरक्षण के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने नागरिकों से स्थानीय किसानों और कारीगरों का अधिक से अधिक समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों की प्रत्येक खरीद ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।