विधानसभा की पर्यावरण समिति ने अचन अपशिष्ट प्रबंधन स्थल का दौरा किया, 361 करोड़ रुपये की अचन पुनर्स्थापन परियोजना की समीक्षा की, आर्द्रभूमियों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
श्रीनगर, 03 जुलाई: जम्मू-कश्मीर विधानसभा की पर्यावरण समिति ने पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज ईदगाह स्थित अचन अपशिष्ट प्रबंधन स्थल का दौरा कर शहर की प्रमुख कचरा प्रसंस्करण इकाई के कार्यों की समीक्षा की। समिति ने इसके साथ ही अंचार, होकर्सर और खुशहाल सर झीलों तथा उनसे जुड़ी आर्द्रभूमियों का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पर्यावरण समिति के अध्यक्ष एम.वाई. तारीगामी ने किया। उनके साथ विधायक मुबारक गुल, जावेद रियाज (बेदार), डॉ. सज्जाद शफी, दलीप सिंह, सलमान सागर और शौकत हुसैन गनी मौजूद रहे। इस अवसर पर आवास एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मनदीप कौर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सचिव मनोज कुमार पंडित, श्रीनगर नगर निगम के आयुक्त फजल-उल-हसीब, जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एलसीएमए) के उपाध्यक्ष, शहरी पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग (यूईईडी) के मुख्य अभियंता, एसएमसी के संयुक्त आयुक्त तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
दौरे के दौरान समिति ने अचन अपशिष्ट प्रबंधन स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, कचरा प्रसंस्करण कार्यों, पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण (लीगेसी वेस्ट रेमेडिएशन), लीचेट उपचार प्रणाली, पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों तथा पूरे संयंत्र की कार्यक्षमता की समीक्षा की। समिति ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति, अवैध अतिक्रमण, जल निकायों के क्षरण तथा प्रदूषण के जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का भी आकलन किया।
समिति ने वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण को मजबूत करने, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन में सुधार, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अपशिष्ट निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की।
श्रीनगर नगर निगम के आयुक्त ने समिति को जानकारी देते हुए बताया कि निगम श्रीनगर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण, स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक प्रसंस्करण एवं निस्तारण क्षमता के विस्तार, अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना के उन्नयन तथा पर्यावरण अनुकूल स्वच्छता सेवाओं से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी दी।
समिति ने अचन अपशिष्ट प्रबंधन स्थल को आधुनिक, पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप तथा टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीकों, नवीन कचरा प्रसंस्करण प्रणालियों और वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया।
समिति ने कहा कि श्रीनगर नगर निगम जनस्वास्थ्य की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा वैज्ञानिक एवं प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से शहर में स्वच्छता के उच्च मानक बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीनगर नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए समिति ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, निरंतर निगरानी, आधारभूत ढांचे के विस्तार, पुराने कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा आधुनिक अपशिष्ट प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि शहर में पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
आर्द्रभूमियों में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध भूमि भराई, अनधिकृत निर्माण तथा अंधाधुंध कचरा फेंके जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समिति के अध्यक्ष एम.वाई. तारीगामी ने कहा कि ये पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील जल निकाय अतिक्रमण और अव्यवस्थित शहरी विस्तार के कारण गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं।
समिति ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने, झीलों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने तथा समय-समय पर कार्रवाई रिपोर्ट समिति को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
यह दौरा पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी स्वच्छता में सुधार तथा सामूहिक प्रयासों के माध्यम से श्रीनगर को अधिक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने के प्रति समिति की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।