प्रधानमंत्री का विशेष संदेश वाले पम्फलेट नुनवान और बालटाल आधार शिविरों में श्री अमरनाथ जी यात्रा श्रद्धालुओं को सौंपे गए

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श्रीनगर, 03 जुलाई: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आज नुनवान और बालटाल दोनों आधार शिविरों से श्री अमरनाथ जी यात्रा के श्रद्धालुओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विशेष संदेश वाले पम्फलेट सौंपे।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथ जी यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं और मंगलकामनाएं दीं तथा इस पवित्र यात्रा को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक एकता और निस्वार्थ सेवा की भावना का शाश्वत प्रतीक बताया।

श्रद्धालुओं को दिए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ जी यात्रा में भाग लेना अत्यंत सौभाग्य की बात है और यह एक गहन आध्यात्मिक अनुभव है। श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर प्रथम पूजा के साथ आरंभ होने वाली यह वार्षिक यात्रा देश के हर कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए अटूट श्रद्धा के साथ पवित्र मार्ग पर ले जाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री अमरनाथ जी यात्रा वर्षों से भारत की विविधता में एकता की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में उभरी है, जो विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और परंपराओं से आए श्रद्धालुओं को भगवान महादेव की आराधना के साझा संकल्प के साथ एकजुट करती है। श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह यात्रा सनातन संस्कृति की स्थायी शक्ति को दर्शाती है और राष्ट्र के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करती है।

प्रधानमंत्री ने वार्षिक यात्रा के कुशल प्रबंधन के लिए श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार के समर्पित प्रयासों की सराहना की। श्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों, स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मियों तथा हजारों कर्मियों के अमूल्य योगदान को भी स्वीकार किया, जो यात्रा की सुरक्षा, संरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा प्रदर्शित आतिथ्य और स्थानीय निवासियों तथा अनेक संगठनों की स्वैच्छिक सेवा भावना की विशेष रूप से प्रशंसा की, जो यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए सामुदायिक रसोई (लंगर) और सेवा शिविर स्थापित करते हैं। श्री नरेंद्र मोदी ने इस निस्वार्थ सेवा परंपरा को भारत के सभ्यतागत मूल्यों और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के शाश्वत आदर्श का सच्चा प्रतिबिंब बताया।

श्रद्धालुओं से इस यात्रा को जिम्मेदार नागरिकता और राष्ट्रीय सेवा का उदाहरण बनाने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने इस वर्ष की श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने का आग्रह किया:

स्वच्छता बनाए रखें: सभी स्वच्छता मानकों का पालन करें और यात्रा मार्गों को स्वच्छ तथा कचरा-मुक्त रखने में सक्रिय योगदान दें।

सुरक्षा सुनिश्चित करें: प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, यातायात नियमों और सुरक्षा संबंधी सलाहों का अनुपालन करें, प्रतिकूल मौसम में सतर्क रहें तथा फिसलन भरे रास्तों और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।

स्थानीय आजीविका का समर्थन करें: वोकल फॉर लोकल की भावना से प्रेरित होकर यात्रा व्यय का कम से कम दस प्रतिशत स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, जिससे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय परिवारों और युवाओं की आजीविका को मजबूती मिले।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दें: यात्रा के समापन दिवस, जो रक्षाबंधन के साथ पड़ता है, पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का सक्रिय समर्थन करें।

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