मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख का बडगाम दौरा, जनगणना कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित
**बडगाम, 5 जून:** मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी (सीपीसीओ) तथा जनगणना संचालन निदेशक, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख, अमित शर्मा ने उपायुक्त बडगाम (प्रधान जनगणना अधिकारी बडगाम) अतहर आमिर खान के साथ जिला उपायुक्त कार्यालय परिसर, बडगाम के सम्मेलन कक्ष में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक का उद्देश्य 1 जून से 30 जून 2026 तक चल रहे **गृह सूचीकरण अभियान (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन)** की तैयारियों और प्रगति की समीक्षा करना था, जो **जनगणना 2027** के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
बैठक की शुरुआत में जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त बडगाम, मेहराज-उद-दीन शाह ने जिले की भौगोलिक स्थिति, जनगणना 2027 की तैयारियों तथा गृह सूचीकरण अभियान के सुचारू संचालन के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी दी।
उन्होंने जिले भर में जनगणना कर्मियों के लिए आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी और जनगणना कार्य के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों से अवगत कराया।
उपायुक्त ने बैठक को बताया कि जिले में जनगणना से संबंधित गतिविधियों के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।
उन्होंने सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जिला प्रशासन जनगणना प्रक्रिया के दौरान व्यापक कवरेज और उच्च गुणवत्ता वाले आंकड़ों के संकलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने क्षेत्रीय स्तर के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनगणना कर्मियों को पूरा सहयोग प्रदान करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान सभी परिवारों, विशेषकर प्रवासी आबादी, को जनगणना प्रक्रिया में शामिल करने तथा जमीनी स्तर पर जनगणना कार्यों को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए अमित शर्मा ने क्षेत्रीय कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की और गणनाकारों तथा पर्यवेक्षकों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पेशेवर दक्षता के साथ करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच प्रभावी समन्वय, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध आंकड़ा संग्रहण तथा जनगणना दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है, ताकि गणना प्रक्रिया की शुद्धता और पूर्णता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनगणना कर्मियों को पूरा सहयोग दें और गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
अमित शर्मा ने जानकारी दी कि जनगणना 2027 से संबंधित किसी भी प्रश्न या स्पष्टीकरण के लिए नागरिक समर्पित **टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855** पर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे जनगणना के नाम पर आने वाले फर्जी फोन कॉल, संदेशों या स्वयं को जनगणना कर्मचारी बताने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें।
उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि जनगणना के नाम पर किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत, वित्तीय, बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा न करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है तथा नागरिकों को केवल निर्धारित **33 जनगणना प्रश्नों** के उत्तर देने होते हैं।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकृत जनगणना कर्मियों के साथ सहयोग करें और सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाया जा सके।
बैठक में जनगणना कार्यों से संबंधित जमीनी स्तर की तैयारियों की भी समीक्षा की गई तथा विभिन्न संचालन संबंधी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अमित शर्मा ने दोहराया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभ्यास है, जो तथ्य-आधारित योजना निर्माण और विकासात्मक पहलों की आधारशिला का कार्य करता है।
संयुक्त मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अरुण कुमार ने भी प्रतिभागियों को क्षेत्रीय कार्यों की निगरानी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी और आंकड़ा संग्रहण गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी एवं पर्यवेक्षण के महत्व पर बल दिया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त (जिला जनगणना अधिकारी), सहायक आयुक्त राजस्व, सभी उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), चार्ज अधिकारी, सहायक मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी, जनगणना 2027 के जिला समन्वयक बडगाम तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।