जम्मू कश्मीर में कैंसर नियंत्रण के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश

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श्रीनगर, 19 मई : मुख्य सचिव अतल डुल्लू ने आज जम्मू कश्मीर में कैंसर नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने को लेकर प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ विस्तृत बैठक की। इस रणनीति का उद्देश्य पूरे केंद्र शासित प्रदेश में जागरूकता, जांच, पहचान, उपचार और कैंसर रोकथाम सेवाओं को मजबूत बनाना है।

बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव, शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक, सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, जम्मू और स्किम्स मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और टाटा मेमोरियल केंद्र के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रभावी और स्थायी परिणाम सुनिश्चित करना है। उन्होंने कैंसर की रोकथाम और समय पर पहचान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियां चलाने पर जोर दिया।

उन्होंने रोग से संबंधित आंकड़ों के संग्रह और विश्लेषण के लिए मजबूत कैंसर रजिस्ट्र्री स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार जनसंख्या आधारित जांच कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता भी बताई।

मुख्य सचिव ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान और उचित उपचार से इस बीमारी के बोझ को कम किया जा सकता है तथा मरीजों के जीवित रहने की संभावना बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुसार मरीजों को सही उपचार उपलब्ध कराने और साथ ही कैंसर रोकथाम उपायों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने पहले से गठित विशेषज्ञ समितियों को निर्देश दिया कि वे जम्मू कश्मीर में कैंसर के प्रसार और उपलब्ध उपचार सुविधाओं का विस्तृत अध्ययन कर अगले एक महीने के भीतर ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करें।

उन्होंने समितियों से स्वास्थ्य क्षेत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन को मजबूत करने की आवश्यकता का भी आकलन करने को कहा ताकि प्रस्तावित रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों की एक समर्पित मुख्य टीम गठित की जाए ताकि कैंसर नियंत्रण योजना को समन्वित और समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।

उन्होंने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से व्यापक जांच दिशा-निर्देशों को शीघ्र अंतिम रूप देने पर भी जोर दिया ताकि पूरे केंद्र शासित प्रदेश में कैंसर की समय पर पहचान सुनिश्चित हो सके।

बैठक के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने जम्मू कश्मीर में कैंसर के बढ़ते मामलों और मरीजों को समय पर जांच तथा उपचार प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों पर अपने विचार साझा किए। विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों की समस्याओं पर चर्चा की गई।

प्रतिभागियों ने कैंसर उपचार ढांचे को मजबूत बनाने, उपचार सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों के घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण कैंसर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

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