5 से 7 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी को देखते हुए कश्मीर के संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की एक तत्काल बैठक
श्रीनगर, 3 अक्टूबर । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी 5 से 7 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी वाले हालिया मौसम पूर्वानुमान के मद्देनजर कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने तैयारियों और राहत योजनाओं की समीक्षा के लिए प्रमुख विभागों के अधिकारियों के साथ एक तत्काल बैठक बुलाई।
बैठक में एचओडीस, आरएण्डबी, एमईडी, बीकन, शहरी स्थानीय निकाय, आईएमडी और बागवानी एवं विपणन योजना विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान संभागीय आयुक्त ने संबंधित विभागों को बर्फ हटाने में तेजी लाने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर कर्मियों और मशीनरी की तत्काल तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शीतकालीन बर्फ हटाने की योजना के लिए निविदा प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने के महत्व पर ज़ोर दिया और सड़क के बुनियादी ढाँचे को नुकसान से बचाने के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी मशीनरी ऑपरेटरों की तैनाती के निर्देश दिए।
उन्होंने बर्फ हटाने वाले उपकरणों में उच्च आणविक भार पॉलीइथाइलीन प्लास्टिक के इस्तेमाल का आग्रह किया ताकि दक्षता बढ़ाई जा सके और सड़कों का घिसाव कम से कम हो।
उन्होंने मुगल रोड सहित दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क की समय पर बहाली पर ज़ोर दिया जो सर्दियों के महीनों में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है।
इस बीच मंडलायुक्त ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले (एफसीएस एंड सीए) विभाग को दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में राशन, एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने उपभोक्ताओं को अक्टूबर के राशन का अग्रिम वितरण करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और निर्देश दिया कि कमी को रोकने के लिए कश्मीर घाटी में एलपीजी का 15 दिनों का बफर स्टॉक बनाए रखा जाए।
माल की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए उन्होंने एलपीजी के परिवहन और सेब उत्पादों की ढुलाई के लिए मुगल रोड के सर्वाेत्तम उपयोग की सिफारिश की।
बागवानी विपणन एवं योजना निदेशक को सलाह दी गई कि वे फल उत्पादकों और व्यापारियों को सेब परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे तेज़ और अधिक किफायती आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
किसी भी मौसम संबंधी आपात स्थिति में समन्वित और समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए संभागीय आयुक्त ने क्षेत्रीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तालमेल के लिए संभागीय नियंत्रण कक्ष को तत्काल चालू करने का निर्देश दिया।