JKSSB-PSC की लापरवाही से बढ़ रही बेरोजगारी: सुनील डिम्पल
जम्मू, 1 अगस्त: मिशन स्टेटहुड जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष सुनील डिम्पल ने सरकार से मांग की कि वह नायब तहसीलदारों की भर्ती प्रक्रिया को तुरंत शुरू करे और सभी सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरे। उन्होंने आरोप लगाया कि JKSSB और PSC ने नायब तहसीलदारों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी है, जिससे युवाओं में भारी निराशा है।
डिम्पल ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मांग की कि वे नायब तहसीलदारों की भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू करें, अन्यथा सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 8300 खाली पदों को भरने की दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए।
डिम्पल ने यह भी आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर (SI) की भर्ती प्रक्रिया को भी रोक दिया गया है, जिससे योग्य युवाओं को नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि सीजनल टीचर्स को नियमित किया जाए, उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाए और उन्हें स्थायी नियुक्ति दी जाए।
इसके अलावा उन्होंने वोकेशनल ट्रेनर्स, क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डिनेटर्स, किसान खिदमत घर (KKG), SPOs, रेहबर-ए-खेल, फिजिकल एजुकेशन टीचर्स, जंगलात विभाग, रेहबर-ए-तालीम, स्वास्थ्य कर्मियों, नेशनल यूथ कोर, आंगनवाड़ी वर्कर्स, प्रधानमंत्री आयुष्मान गोल्ड कार्ड मित्रों, स्ट्राइक पर चल रहे डेली वेजर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, SRO-43 के अंतर्गत आने वाले कर्मियों, CPW और भूमि दाताओं को भी नियमित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार को स्टाइपेंड की व्यवस्था करनी चाहिए और दैनिक वेतनभोगियों के लिए न्यूनतम वेतन अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
डिम्पल ने आरोप लगाया कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में दैनिक वेतनभोगियों को ₹29,000 से ₹45,000 तक वेतन दिया जा रहा है, जबकि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ यह भेदभाव है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय जम्मू-कश्मीर के साथ अन्याय कर रहा है और यह भेदभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
डिम्पल ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से आग्रह किया कि वे अपने वादे को निभाएं और जम्मू-कश्मीर राज्य का पुनः गठन करें। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है, जिससे बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। उनके अनुसार, अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में सभी रोजगार के अवसर खत्म हो गए हैं।
डिम्पल ने कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया है और अब केवल राज्य की बहाली ही एकमात्र समाधान है जिससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।