2026-27 में कोई नई शराब की दुकानें खोलने की योजना नहीं है- सरकार
जम्मू, 07 फ़रवरी ।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने शनिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में नई शराब की दुकानें खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
विधायक अर्जुन सिंह राजू के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त विभाग ने सदन को सूचित किया कि आगामी वित्त वर्ष के लिए कोई नया जेकेईएल-2 शराब लाइसेंस जारी करने की योजना नहीं है। सरकार ने पिछले दो वित्त वर्षों में मौजूदा शराब की दुकानों से प्राप्त जिलावार राजस्व भी साझा किया जो लगातार वृद्धि दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार जम्मू जिले ने 2023-24 में 48,350.15 लाख और 2024-25 में 50,913.93 लाख का राजस्व अर्जित किया। उधमपुर में क्रमशः 11,322 लाख और 12,061.50 लाख की आय दर्ज की गई जबकि रियासी में क्रमशः 3,371 लाख और 3,450.50 लाख की आय हुई।
कठुआ ने 2023-24 में 10,653 लाख और 2024-25 में 11,272 लाख की आय अर्जित की, वहीं सांबा ने क्रमशः 9,138.06 लाख और 9,740.15 लाख की आय दर्ज की। डोडा ने क्रमशः 2,353.61 लाख और 2,448.17 लाख की आय अर्जित की जबकि किश्तवार ने क्रमशः 1,681.90 लाख और 1,887.59 लाख, रामबन में 2023-24 में 2,299.95 लाख और 2024-25 में 2,476.70 लाख, राजौरी में 4,806.19 लाख और 5,336.96 लाख और पुंछ में 1,497.78 लाख और 1,768.92 लाख का राजस्व दर्ज किया गया।
कश्मीर डिवीजन में श्रीनगर में 2023-24 में 5,489.67 लाख का राजस्व दर्ज किया गया जो 2024-25 में बढ़कर 6,557.66 लाख हो गया। गांदरबल में 223.45 लाख और 319.69 लाख, बारामूला में 872.23 लाख और 1,139.84 लाख, कुपवारा में 415.66 लाख और 442.96 लाख और अनंतनाग में 1,403.50 लाख और 1,999.50 लाख दर्ज किए गए।
बेनामी शराब लाइसेंसों के आरोपों को लेकर उठाई गई चिंताओं पर सरकार ने कहा कि उसे ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। सरकार ने यह भी कहा कि सभी लाइसेंस आबकारी अधिनियम, 1958 और समय-समय पर अधिसूचित आबकारी नीतियों के तहत जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों को ही जारी किए जाते हैं।