2014 के बाद जम्मू-कश्मीर में 1.35 लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से संपर्क व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव: अजय टम्टा**
**जम्मू, 16 जून:** सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री **अजय टम्टा** ने कहा है कि वर्ष 2014 के बाद जम्मू-कश्मीर में सड़क एवं परिवहन अवसंरचना को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में संपर्क व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगभग **1.35 लाख करोड़ रुपये** की लागत वाली परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि यह निवेश वर्ष 2014 से पहले की स्थिति से एक बड़ा बदलाव है, जब जम्मू-कश्मीर में राजमार्ग विकास कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बार-बार होने वाले भूस्खलन और हर मौसम में सुगम संपर्क की कमी के कारण बाधित रहता था।
अजय टम्टा ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के **श्रीनगर-जम्मू मार्ग** का व्यापक निरीक्षण किया और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
वर्ष 2014 के बाद हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सड़क और परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में **अभूतपूर्व परिवर्तन** देखने को मिला है।
उन्होंने कहा, **”2014 से पहले क्षेत्र में राजमार्ग विकास सीमित था। कठिन भूभाग, बार-बार होने वाले भूस्खलन और खराब संपर्क व्यवस्था के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। इसके बाद लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाएं शुरू की गईं।”**
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इनमें से **20 हजार करोड़ रुपये** की लागत से 700 किलोमीटर सड़क परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि **50 हजार करोड़ रुपये** की लागत वाली 2,300 किलोमीटर लंबी सड़कें निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त **65 हजार करोड़ रुपये** की लागत वाली 707 किलोमीटर लंबी परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सुरंग निर्माण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2014 से पहले जम्मू-कश्मीर में केवल **पांच सुरंगें** थीं, जबकि आज केवल **जम्मू-श्रीनगर कॉरिडोर** में ही 25 सुरंगें मौजूद हैं, जिनमें 20 पूरी हो चुकी हैं और पांच निर्माणाधीन हैं।
अजय टम्टा ने कहा कि **जोजिला सुरंग, डिगडोल-खूनी नाला, सुंगल, भिंबर गली, सिंथन पास, सुधमहादेव, साधना पास, पीर की गली और समानांतर चेनानी-नाशरी मार्ग** जैसी रणनीतिक परियोजनाएं पूरे वर्ष निर्बाध और विश्वसनीय संपर्क सुनिश्चित करेंगी।
उन्होंने विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता, सुरक्षा और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरी की जाएं।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में किए गए व्यापक निवेश ने जम्मू-कश्मीर को **कठिन और बाधित संपर्क व्यवस्था** से निकालकर **आधुनिक, हर मौसम में सुगम, उच्च गति वाली और एकीकृत परिवहन प्रणाली** की ओर अग्रसर किया है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से **पर्यटन, तीर्थाटन, उद्योग, रक्षा लॉजिस्टिक्स और जम्मू-कश्मीर के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास** को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी बनेगी।