2014 की बाढ़ के बाद उठाए गए कदमों की समीक्षा करेंगे और देखेंगे कि क्या बदलाव आया है -मुख्यमंत्री उमर
श्रीनगर, 28 अगस्त । मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि वह कश्मीर में 2014 की बाढ़ के बाद उठाए गए कदमों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने यहाँ पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में दो दिनों की बारिश के बाद स्थिति काफी गंभीर है। उन्होंने कहा अगर दो दिन और बारिश होती तो जम्मू और कश्मीर दोनों जगहों पर मुश्किल हालात पैदा हो सकते थे। 2014 में छह दिनों की बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी लेकिन आज सिर्फ़ दो दिनों की बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी।
उन्होंने आगे कहा कि ईश्वर की कृपा से स्थिति में सुधार हुआ है और पानी कम हो गया है और फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। उन्होंने कहा लेकिन हमें यह समझने की ज़रूरत है कि 2014 की बाढ़ के बाद क्या बदला। मैं कुछ दिनों बाद अधिकारियों के साथ बैठकर एक दशक पहले आई बाढ़ के बाद किए गए उपायों की समीक्षा करूँगा। हम बाढ़ की स्थिति को रोकने के लिए किए गए अन्य उपायों के अलावा, बाढ़ चैनलों और झेलम नदी की वहन क्षमता के बारे में भी रिपोर्ट भेजेंगे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमें अपनी गलतियों को सुधारने की ज़रूरत है क्योंकि हम हर साल लगातार खतरे में नहीं रह सकते। गौरतलब है कि रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण पूरे जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है क्योंकि सभी प्रमुख नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।