सीएस ने PM Vishwakarma योजना के तहत कारीगरों की क्रेडिट लिंकेज को गति देने पर दिया जोर**
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने संबंधित विभागों और बैंकिंग संस्थानों को निर्देश दिया कि इस योजना के अंतर्गत *क्रेडिट अपटेक* को बढ़ाने के लिए एक बड़े रणनीतिक अभियान की शुरुआत की जाए।
उन्होंने कहा कि क्रेडिट लिंकेज इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसका प्रशिक्षण, टूलकिट वितरण एवं क्षमता निर्माण घटकों के साथ समान गति से आगे बढ़ना आवश्यक है।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह, श्रम एवं रोजगार सचिव कुमार राजीव रंजन, एमडी जे&के बैंक, निदेशक L&E, निदेशक I&C जम्मू/कश्मीर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने स्वीकृत ऋण और वास्तविक वितरण के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए *फोकस्ड हस्तक्षेप* की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने बैंकों को प्रक्रियाएं सरल बनाने, विलंब कम करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि स्वीकृत लाभार्थियों को समय पर धनराशि प्राप्त हो, ताकि योजना के लाभ जमीनी स्तर तक पहुँच सकें।
उन्होंने लक्ष्य रखा कि जम्मू-कश्मीर की ऋण वितरण दर को कम से कम राष्ट्रीय औसत *70 प्रतिशत* तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि इस renewed push से ग्रामीण और हाशिए पर रहने वाले कारीगरों को उपकरणों के आधुनिकीकरण, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और पारंपरिक शिल्प को विस्तार देने में समय पर वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही उन्होंने *मार्च 2026 तक 30,000 क्रेडिट लिंकेज* हासिल करने का लक्ष्य घोषित किया।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि पात्र कारीगरों को YUVA मिशन के तहत जोड़ा जाए, जिससे उन्हें बेहतर मार्गदर्शन एवं उद्यमिता विकास के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिल सके। कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट वितरण और कारीगर ऑनबोर्डिंग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि क्रेडिट लिंकेज में तेजी लाना बेहद आवश्यक है, क्योंकि यही कारीगरों को आधुनिक उपकरण अपनाने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाता है।
बैठक में आयुक्त सचिव I&C विक्रमजीत सिंह ने बताया कि PM Vishwakarma योजना के पंजीकरण में जम्मू-कश्मीर सभी केंद्र शासित प्रदेशों में *पहले स्थान* पर है, जो जिलों में मजबूत आउटरीच का परिणाम है।