रेल कोच निर्माण केंद्र से 5 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार : रक्षा मंत्री
भोपाल, 10 अगस्त (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में हो रहा औद्योगिक विकास भारत को नई औद्योगिक ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगा। यहां 1800 करोड़ रुपये के निवेश से आरंभ हो रहे रेल कोच निर्माण केंद्र से 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्र का भी विकास होगा। आज सम्पूर्ण भारत मध्य प्रदेश को आशा और विश्वास से देख रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना(बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) इकाई के भूमिपूजन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीमहाकाल के आशीर्वाद से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तेजी से औद्योगिक विकास को गति दे रहे हैं, भविष्य में मध्य प्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य के साथ औद्योगिक विकास के लिए भी पहचाना जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में रक्षा क्षेत्र के विकास के लिए पूर्ण क्षमता, संसाधन और सभी आवश्यक विशेषताएं विद्यमान हैं। डॉ. यादव ने शिवराज सिंह चौहान की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि बीईएमएल आज यहां महत्वपूर्ण यूनिट स्थापित कर रही है। केवल यही नहीं, कई एमएसएमई इकाइयां भी स्थापित होंगी और जो पहले से स्थापित हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने 48 हजार हैक्टेयर का भूमि बैंक भी तैयार किया है, यह अधिक से अधिक उद्योगों को लाने का संकल्प दर्शाता है। रक्षा क्षेत्र की कई इकाइयां बहुत ही अच्छी तरह से काम कर रही हैं। उन्होंने विगत वर्षों में यह अनुभव किया है कि रक्षा क्षेत्र का केन्द्र बनने के लिए जो गुण चाहिए, जो संसाधन चाहिए! वह मध्य प्रदेश में हैं। नेतृत्व यदि शानदार हो तो विकास तेजी से होता है। मध्य प्रदेश के विकास को देखते हुए यह लगता है कुछ वर्षो के बाद लोग मध्य प्रदेश को मॉडर्न प्रदेश कहना शुरू कर देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व में भारत की पहचान दबंग और गतिशील अर्थव्यवस्था के रूप में हुई है। मेक इन इंडिया के माध्यम से भारत में सभी क्षेत्रों में उपकरणों के निर्माण में वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 के बाद भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, इस क्षेत्र में पहले भारत से 600 करोड़ का निर्यात होता था जो अब 24 हजार करोड़ से अधिक हो चुका है। विकास और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में शोध को प्रसारित करने की आवश्यकता भी बताई।