**रुबैया सईद अपहरण मामला** **यासीन मलिक के साथ साज़िश रचने के आरोप में CBI ने शफात शंगलू को किया गिरफ्तार**
**श्रीनगर, 1 दिसंबर:** केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को 35 साल पुराने डॉ. रुबैया सईद अपहरण मामले में वांछित शफात अहमद शंगलू को गिरफ्तार कर लिया। रुबैया, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्व. मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती की बहन हैं।
सीबीआई के बयान के अनुसार, शफात अहमद शंगलू 1989 में हुए अपहरण मामले में फरार चल रहा था। एजेंसी ने कहा कि शंगलू ने यासीन मलिक और अन्य के साथ मिलकर अपराध की साजिश रची थी। उस पर रणबीर दंड संहिता (RPC) और आतंकवाद एवं विध्वंसक गतिविधि निरोधक अधिनियम (TADA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था।
बयान में कहा गया, “फरार आरोपी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।”
एजेंसी ने बताया कि आरोपी को कानूनी प्रावधानों के तहत निर्धारित समय में टाडा कोर्ट जम्मू में पेश किया जाएगा।
**अपहरण का पूरा मामला**
8 दिसंबर 1989 को रुबैया सईद, जो उस समय 23 वर्ष की थीं, श्रीनगर से अपने घर लौट रही थीं, तभी जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) से जुड़े आतंकियों ने उनका अपहरण कर लिया। यह घटना उस समय हुई जब उनके पिता मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कुछ ही दिनों पहले भारत के गृह मंत्री का पद संभाला था।
JKLF ने रुबैया की रिहाई के बदले सरकार से अपनी पांच गिरफ्तार साथियों को रिहा करने की मांग रखी। तनावपूर्ण स्थितियों, व्यापक विरोध और बढ़ते दबाव के बीच पांच दिनों तक वार्ता चलती रही।
आखिरकार, 13 दिसंबर 1989 को सरकार ने आतंकियों की मांग मान ली और पांच कैदियों को रिहा कर दिया। इसके बदले रुबैया सईद को सुरक्षित छोड़ दिया गया।
यह पहली बार था जब भारतीय सरकार ने किसी बंधक की रिहाई के बदले आतंकियों को छोड़ा।
कई विशेषज्ञों ने बाद में इस घटना को कश्मीर में बढ़ती आतंकवाद की लहर का अहम मोड़ बताया।
बाद में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली और यासीन मलिक सहित कई अन्य को आरोपी बनाया। वर्षों से यह मामला अदालत में लंबित है और कई आरोपी लंबे समय तक फरार रहे।
यह मामला अभी भी जम्मू की टाडा अदालत में चल रहा है।
2022 में रुबैया सईद ने अदालत में यासीन मलिक की पहचान अपने अपहर्ताओं में से एक के रूप में की थी।