राजनाथ सिंह आज बाढ़ प्रभावित किश्तवाड़ का दौरा करेंगे
नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को किश्तवाड़ जिले के बाढ़प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। चसोती गाँव में हुए विनाशकारी बादलफटने के बाद बचाव और राहत अभियान लगातार नौवें दिन भी जारी है।सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे, प्रभावित परिवारों से मिलेंगे और राहत कार्यों का जायजा लेंगे। 14 अगस्तको हुए बादल फटने से भीषण बाढ़ आई और अब तक कम से कम 65 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 70 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं।सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के कर्मियोंसहित बचाव दल लापता लोगों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने परअभियान चला रहे हैं।
रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह ने कहा पिछले एक दशक में रक्षा निर्यात लगभग 35 गुना बढ़ा है और सरकार नेइस वर्ष 30,000 करोड़ रुपए और 2029 तक 50,000 करोड़ रुपए कारक्षा निर्यात हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा निर्यात 2013-14 में 686 करोड़ रुपएबढ़कर 2024-25 में 23,622 करोड़ रुपए हो गया और अब रक्षा उत्पादोंका निर्यात लगभग 100 देशों को किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने कहाकि घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 के 40,000 करोड़ रुपए से तीन गुना बढ़कर2024-25 में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है और चालू वित्तवर्ष में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की राह पर है।’वर्ल्ड लीडर्सफोरम’ में रक्षा मंत्री ने एक न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था को आकार देने मेंभारत के बढ़ते नेतृत्व को रेखांकित किया और देश के रक्षा क्षेत्र कोमजबूत करने में की गई अभूतपूर्व प्रगति पर प्रकाश डाला। रक्षा मंत्री नेबताया कि भारत ने 509 प्लेटफॉर्म, प्रणालियों और हथियारों को शामिलकरते हुए पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी की हैं, जिनका अबअनिवार्य रूप से देश में निर्माण किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा किसरकार ने रक्षा पूंजी खरीद बजट का 75 प्रतिशत भारतीय कंपनियों केलिए आरक्षित किया है। राजनाथ सिंह ने कहा, “रक्षा के क्षेत्र मेंआत्मनिर्भरता का हमारा दृष्टिकोण केवल आयात कम करने के बारे मेंनहीं है। यह एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने के बारे में है, जहां भारतीयउद्योग, सार्वजनिक और निजी, विश्व स्तरीय क्षमता विकसित करें, जहांहम न केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करें बल्कि उच्च गुणवत्ता वालेरक्षा उत्पादों के ग्लोबल सप्लायर्स के रूप में भी उभरें।” उन्होंने स्वदेशीक्षमता में हालिया सफलताओं पर भी प्रकाश डाला और बताया किहिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को 97 तेजस लड़ाकू विमानोंके लिए 66,000 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले हैं, इसके अलावा 83 विमानोंका ऑर्डर भी मिला है जिसकी कीमत 48,000 करोड़ रुपए है। रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत फ्रांसीसी एयरोस्पेसदिग्गज साफरान के साथ साझेदारी में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों केलिए इंजन बनाना शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत कीस्वदेशी रक्षा और एयरोस्पेस क्षमताओं को मजबूत करने के प्रयासों में एकबड़ा कदम है। राजनाथ सिंह ने वैश्विक कंपनियों को भारत के बढ़ते रक्षाविनिर्माण क्षेत्र में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें सरकारीसमर्थन का आश्वासन दिया। मेक इन इंडिया’ के पीछे के व्यापकदृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारी मेक इनइंडिया पहल केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। जब आप भारत मेंनिर्माण करते हैं तो आप दुनिया के लिए निर्माण करते हैं।”यह घोषणारक्षा मंत्रालय द्वारा एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) कार्यक्रम के कार्यान्वयन मॉडल को मंजूरी दिए जाने के कुछ ही महीनोंबाद आई है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके नेतृत्व में रक्षा बजट में शानदार वृद्धि हुई है, जो 2013-14 के 2.53 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2024-25 में लगभग 6.22 लाख करोड़ रुपएहो गया है और ऑपरेशन सिंदूर के सफल संचालन के बाद इसमें वृद्धि कीयोजना है।