भदरवाह, 10 जनवरी (हि.स.)। पिछले पखवाड़े के दौरान पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बर्फ से ढके पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनका विश्वास बनाए रखने के लिए उच्च-ऊंचाई वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों के अनुसार, भदरवाह–पठानकोट राजमार्ग पर स्थित चत्तरगल्ला (11,000 फीट), पंज नाला (10,200 फीट) और गुलदांडा (9,555 फीट) जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों और घास के मैदानों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इन इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बावजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और अर्धसैनिक बलों की मजबूत मौजूदगी, साथ ही स्थानीय लोगों के आतिथ्य सत्कार ने पर्यटकों की शुरुआती आशंकाओं को काफी हद तक दूर कर दिया है। पर्यटक इन स्थलों पर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ बर्फ में खेलने और फोटोग्राफी जैसी गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं। डोडा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद शर्मा ने बताया कि भदरवाह जम्मू-कश्मीर के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक है और हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि आसपास के ऊंचे पहाड़ों में भारी बर्फबारी के कारण सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बढ़ जाती हैं, क्योंकि कई पर्यटक बर्फ से ढके मैदानों और दर्रों में जाने का जोखिम उठाते हैं, विशेषकर भदरवाह–पठानकोट राजमार्ग और भदरवाह–चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर। हालिया बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के चलते, जहां रात का तापमान हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया है, वहीं सुरक्षा बल चौबीसों घंटे उच्च पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर तैनात रहकर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। पर्यटकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय विक्रेताओं द्वारा दी जा रही मेहमाननवाजी की सराहना की है। स्थानीय हितधारकों और पर्यटन विशेषज्ञों ने पर्यटन उद्योग में आए हालिया उछाल का श्रेय समय पर हुई बर्फबारी और पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों द्वारा प्रदान किए गए मजबूत सुरक्षा तंत्र को दिया है। स्थानीय निवासी राशिद चौधरी ने कहा कि पहले इस मौसम में ऊंचे इलाकों में केवल सेना की तैनाती देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार सीमित संसाधनों के बावजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराकर सराहनीय कार्य कर रही है। गुलदांडा विक्रेता संघ के अध्यक्ष यासिर वानी ने बताया कि पहली बर्फबारी के बाद पिछले 15 दिनों में 19,000 से अधिक पर्यटक गुलदांडा पहुंच चुके हैं। इस बीच भदरवाह के निवासियों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने केंद्र सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसके तहत मथोला गांव से विशाल कैलाश कुंड ग्लेशियर की तलहटी में स्थित 12,500 फीट ऊंचे सियोज धार तक बहु-करोड़ रुपये की केबल कार परियोजना का निर्माण किया जाएगा। दरअसल सियोज धार लगभग 30 किलोमीटर क्षेत्र में फैला डोडा जिले का सबसे बड़ा और खूबसूरत घास का मैदान है, जो भदरवाह से लेकर उधमपुर जिले के बसंतगढ़ क्षेत्र तक विस्तृत है। यह इलाका नवंबर से मई तक करीब सात महीने बर्फ से ढका रहता है, जिससे यह साहसिक गतिविधियों और शीतकालीन खेलों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल बन जाता है।
जम्मू, 10 जनवरी (हि.स.)। जम्मू जिले की नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे अखनूर सेक्टर के एक अग्रिम गांव में शनिवार को एक संदिग्ध कबूतर पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए कबूतर का रंग हल्का भूरा है और उसके दोनों पंखों पर दो-दो काली धारियां बनी हुई हैं। कबूतर के पैरों में लाल और पीले रंग के छल्ले लगे हुए पाए गए हैं, जिन पर ‘रहमत सरकार’, ‘रिज़वान 2025’ और कुछ संख्याएं अंकित हैं, जिससे उसके संदिग्ध होने की आशंका और बढ़ गई है।
बताया गया कि शनिवार सुबह अखनूर क्षेत्र के खराह गांव में 13 वर्षीय आर्यन ने कबूतर को पकड़ा और इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि कबूतर के पंखों पर मुहरनुमा निशान भी पाए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कबूतर को आगे की जांच के लिए पल्लनवाला पुलिस को सौंप दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं इस पक्षी का उपयोग किसी संदिग्ध या जासूसी गतिविधि के लिए तो नहीं किया गया।
फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।—