बजट पूर्व परामर्श सरकारी प्राथमिकताओं को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे : मुख्यमंत्री
जम्मू, 27 जनवरी (हि.स.)। बजट सत्र से पहले चल रहे परामर्शों की श्रृंखला को जारी रखते हुएमुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को जम्मू में उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन, होटल एवं आतिथ्य, शिक्षा, युवा मामले और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ एक व्यापक परामर्श बैठक की अध्यक्षता की।
इस दौरान हितधारकों ने कई क्षेत्र-विशिष्ट मुद्दे उठाए और समावेशी विकास और क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से कई सुझाव प्रस्तुत किए।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बजट पूर्व परामर्श प्रक्रिया की गंभीरता और उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह की बातचीत केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि सरकारी प्राथमिकताओं को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परामर्श कई वर्षों से चल रहे हैं और आज हमने इन्हें एक बार फिर आगे बढ़ाया है। कुछ लोगों को लग सकता है कि यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका जमीनी स्तर पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन यह धारणा वास्तविकता से बहुत दूर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के संपूर्ण वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति हितधारकों की बात सुनने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हम आपके सुझावों को लेकर गंभीर नहीं होतेतो हम मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों तक, संपूर्ण सरकारी तंत्र को यहां नहीं लाते। हमारा उद्देश्य आपसे व्यापक परामर्श करना और जहां भी संभव हो, आपके सुझावों को बजट और हमारी नीतियों में शामिल करना है। हितधारकों की सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस तरह के परामर्श आधिकारिक आकलन और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को कम करते हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यालयों में बैठे-बैठे हमारे लिए सब कुछ जानना संभव नहीं है। अक्सर आधिकारिक चैनलों से हमें जो जानकारी मिलती है, वह जमीनी हकीकत से भिन्न होती है और इस तरह की बातचीत के माध्यम से ही हमें महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को आश्वासन दिया कि यह संवाद केवल वार्षिक अभ्यास तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यह साल में एक बार होने वाली बातचीत नहीं है, जिसके बाद आप हमें फिर कभी नहीं देखेंगे। हम इस संवाद को जारी रखने का प्रयास करेंगे, क्योंकि अंततः इससे शासन और जन कल्याण को लाभ होता है।अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को उनकी रचनात्मक भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया।
बैठक में मंत्री सकीना इटू, जावेद अहमद डार और सतीश शर्मा उपस्थित थे। मुख्य सचिव अटल दुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, पर्यटन और विद्युत विकास के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त के प्रधान सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सचिव, शिक्षा एवं उच्च शिक्षा सचिव, बजट महानिदेशक, वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभागों के प्रमुख और अन्य संबंधित अधिकारी इस वार्ता में उपस्थित थे।