पीआईबी जम्मू-कश्मीर मीडिया दल ने किया मुंबई फिल्म सिटी का दौरा
मुंबई, अक्टूबर, 08:
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) जम्मू-कश्मीर द्वारा आयोजित पांच दिवसीय मीडिया टूर के तीसरे दिन पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई के दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी), गोरेगांव का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य मीडिया प्रतिनिधियों को फिल्म निर्माण की रचनात्मक और तकनीकी प्रक्रियाओं के साथ-साथ भारतीय फिल्म उद्योग के कार्यप्रणाली से अवगत कराना था।
यह दौरा महाराष्ट्र फिल्म, स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों और पीआईबी मुंबई के समन्वय में आयोजित किया गया, जिसके तहत प्रतिनिधिमंडल ने 520 एकड़ में फैली इस विशाल फिल्म सिटी के विभिन्न शूटिंग स्थलों का भ्रमण किया। फिल्म सिटी भारतीय सिनेमा की उत्कृष्टता और सृजनशीलता का प्रतीक मानी जाती है।
दौरान, मीडिया दल ने कई लोकप्रिय राष्ट्रीय और क्षेत्रीय फिल्मों तथा टीवी धारावाहिकों के सेट का दौरा किया और तकनीशियनों व कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने फिल्म निर्माण, शूटिंग प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं के बारे में गहराई से जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट का दौरा किया, जो फिल्म सिटी परिसर के भीतर स्थित है। यहां पत्रकारों ने VFX स्टूडियो और एडिटिंग सुविधाओं का अवलोकन किया और फिल्म निर्माण में उपयोग हो रही नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया टीम को बताया कि कैसे वर्चुअल प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग से अब बाहरी शूटिंग की आवश्यकता में काफी कमी आई है और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो गई है।
दौरे के बारे में पीआईबी जम्मू की निदेशक सुश्री नेहा जलाली ने कहा,
“फिल्म सिटी का यह दौरा हमारे जम्मू-कश्मीर के मीडिया साथियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा। इससे उन्हें भारतीय सिनेमा के विकास, नई तकनीकों और विजुअल स्टोरीटेलिंग की रचनात्मक संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। इस प्रकार के अनुभव मीडिया, संस्कृति और तकनीक के बीच संबंधों को गहराई से समझने में मदद करते हैं।”
इस अवसर पर पीआईबी मुंबई की मीडिया एवं संचार अधिकारी श्रीयंका चटर्जी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ रहीं।
गौरतलब है कि पांच दिवसीय पीआईबी जम्मू-कश्मीर मीडिया टूर का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के पत्रकारों को राष्ट्रीय संस्थानों, सांस्कृतिक, नागरिक और बुनियादी ढांचागत प्रतिष्ठानों के दौरे के माध्यम से अनुभवात्मक सीख प्रदान करना है, ताकि मीडिया पेशेवरों के बीच सांस्कृतिक और व्यावसायिक जुड़ाव को और सशक्त किया जा सके।