नौ दिन में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने बिना रुकावट के तय किया 1,200 किमी का सफर, 3,200 लीटर डीज़ल की बचत की
नयी दिल्ली 25 जुलाई (वार्ता) दिल्ली मंडल के जींद–सोनीपत रेलखंड पर दौड़ रही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने अब तक 1,200 किलोमीटर से अधिक की यात्रा तय की है और इस दौरान इसने 3,200 लीटर डीज़ल की बचत की है।
रेलवे ने शनिवार को यह जानकारी दी। ईंधन से चलने वाली ट्रेनों का किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मानी जा रही है इस ट्रेन ने पिछले नौ दिनों का सफर बाधा रहित तय किया है। रेलवे के अनुसार यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया से ट्रेन के भीतर ही बिजली उत्पन्न करती है।
इस प्रक्रिया से ट्रेन को चलाने के लिए आवश्यक विद्युत ऊर्जा प्राप्त होती है तथा उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प निकलती है। इसमें न धुआँ निकलता है और न ही टेलपाइप से कार्बन उत्सर्जन होता है, जिससे यह वर्तमान में उपलब्ध रेल प्रणोदन की सबसे स्वच्छ तकनीक बन जाती है।
यह परियोजना भारतीय रेल के नेतृत्व में विकसित एक पूर्णतः स्वदेशी पहल है। दस कोच वाली इस ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार हैं, जो संयुक्त रूप से 2,400 किलोवाट शक्ति प्रदान करती हैं। इसके साथ लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियाँ तथा हाइड्रोजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं।
इस परियोजना के तहत जींद में भारतीय रेल की पहली समर्पित हाइड्रोजन भंडारण सुविधा स्थापित की गई है। यहाँ 500 बार तक के दाब पर हरित हाइड्रोजन का भंडारण तथा 350 बार के दाब पर ईंधन भरने की व्यवस्था है। इस सुविधा की कुल भंडारण क्षमता लगभग 3,000 किलोग्राम है।
ट्रेन में सुरक्षा के लिए अनेक स्वतंत्र प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जो हाइड्रोजन रिसाव, अधिक तापमान, आग और धुएँ का स्वतः पता लगाती हैं। इनके साथ स्वचालित शट-ऑफ सिस्टम, निरंतर वेंटिलेशन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का अनुपालन तथा सभी अनिवार्य परीक्षण और सत्यापन भी सुनिश्चित किए गए हैं।
जींद–सोनीपत रेलखंड पर सफल परिचालन के बाद जल्द ही इसका परीक्षण दिल्ली मार्ग पर भी प्रारंभ किया जाएगा।
देश की हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वदेशी हाइड्रोजन रेल पारिस्थिक तंत्र की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सतत, शून्य-उत्सर्जन रेल परिवहन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है तथा भविष्य में इसके व्यापक विस्तार और स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की मजबूत आधारशिला रखती है।