नारी शक्ति ही हैं, नए भारत की असली ताकत: नरेन्द्र मोदी
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वाराणसी, 28 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार अपरान्ह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उनका जबरदस्त स्वागत हुआ। बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर शहर के विभिन्न मार्गों तक ‘हर-हर महादेव’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
प्रधानमंत्री माेदी ने आज बीएलडब्ल्यू मैदान पर आयोजित विशाल महिला सम्मेलन को संबोधित किया, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन में महिलाओं को बैठने के बनाए गए सभी सेक्टर में प्रधानमंत्री ने स्वयं जाकर उनका अभिवादन किया। जनसभा स्थल से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी को 6,332.08 करोड़ लागत की 163 परियोजनाओं की सौगात दी। जिसमें 1,054.69 करोड़ की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं 5277.39 करोड़ की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। लोकार्पित वाली याेजनाओं में सबसे प्रमुख 308.09 करोड़ की लागत से तैयार एसटीपी, 144.43 करोड़ की लागत से तैयार कज्जाकपुरा आरओबी, 45.91 करोड़ से तैयार सारनाथ स्थित तिब्बती संस्थान में सोवा रिग्पा मेडिकल कालेज है।
काशी में भविष्य की जरूरतों के अनुसार 2464.46 करोड़ लागत के मालवीय पुल के पास बनने वाले रेलवे रोड ब्रिज और 1582.99 करोड़ रुपये से नगरीय क्षेत्र में सीवरेज व वाटर सप्लाई, 429.36 करोड़ लागत का कबीरचौरा में मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल आदि परियोजनाओं का प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया। समारोह में प्रधानमंत्री ने काशी के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करने के साथ ही आज के कार्यक्रम काे नारी शक्ति के वंदन और विकास का उत्सव बताया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए महिला आरक्षण को लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और सरकार उनकी प्रगति में हरसंभव सहयोग दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति ही नए भारत की असली ताकत है, और जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लंबे समय तक महिलाएं उपेक्षित रहीं। कई बार महिलाओं से सवाल तक नहीं पूछे जाते थे और सीधे निर्णय थोप दिए जाते थे। यह स्थिति केवल काशी ही नहीं, बल्कि देश के अधिकांश हिस्सों में बहन-बेटियों का अनुभव रही है। मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ परिवारवादी दल नारी शक्ति से भयभीत हैं और नहीं चाहते कि महिलाएं विधानसभा और संसद तक पहुंचें। विपक्ष को डर है कि यदि महिलाएं बड़ी संख्या में राजनीति में आईं, तो उनकी पारंपरिक राजनीति समाप्त हो जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि वे महिलाओं काे उनके अधिकार दिलाने के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण दिलाने के प्रयास को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।