जम्मू से श्रीनगर तक चली 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

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जम्मू, 30 अप्रैल (हि.स.) जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू और ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर आज सीधी रेल सेवा से जुड़ गईं। इसी के साथ श्रीनगर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की क्षमता ढाई गुनी की गई है जिससे पर्यटकों, तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय आबादी को आसानी से टिकट सुलभ होगा।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय रेल, सूचना प्रसारण, इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकीमंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जम्मू रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बीस कोच वाली 26401 जम्मू – श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

वैष्णव और सिंह ने बाद में इसी ट्रेन से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक यात्रा की और वहां से सड़क मार्ग से अंजी खड्ड रेलवे पुल और चिनाब पुल के निरीक्षण के लिए गए। ट्रेन में यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में रेलमंत्री ने कहा कि इस रेलवे लाइन से कश्मीर घाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को साल भर निर्बाध आवागमन की सुविधा मिली है। इससे कश्मीर घाटी के किसानों एवं व्यापारियों को अपना माल बाहर भेजने और आमदनी बढ़ाने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में रेल लाइनों का विस्तार किया जाएगा। लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि सेब के बागानों और स्थानीय प्राकृतिक स्वरूप को कोई भी नुकसान नहीं हो। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यात्रियों एवं रेल संपत्ति की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।

जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के कारण ही जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी में इतनी प्रगति हुई है। उन्होंने रेलमंत्री के प्रति भी राज्य में रेलवे की मांगों को लेकर उदारता के लिए धन्यवाद दिया। गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी द्वारा श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर के बीच 26401/26402 और 26403/26404 वंदे भारत एक्सप्रेस गाड़ियों को जम्मू से शुरू किया गया है। लगभग 266 किलोमीटर के कॉरिडोर पर इन ट्रेनों की नियमित सेवा 2 मई 2026 से शुरू होगी। उस समय दोनों ट्रेनों में आठ आठ कोच के रैक इस्तेमाल किए जा रहे थे। अब ये 20-20 कोच के रैक लाए गए हैं। यानी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की क्षमता में ढाई गुना वृद्धि की गई है।

पहली रेल (रेल संख्या 26401) जम्मू तवी से सुबह 6:20 बजे प्रस्थान करेगी और श्री माता वैष्णो देवी कटरा, रियासी और बानिहाल स्टेशनों पर रुकते हुए सुबह 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। इस यात्रा में चार घंटे पचास मिनट लगेंगे। वापसी की रेल (रेल संख्या 26402) श्रीनगर से दोपहर 2:00 बजे प्रस्थान करके और शाम 6:50 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी। यह रेल जोड़ी सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। मंगलवार को सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। इन गाड़ियों में स्थानीय व्यंजनों को परोसा जाएगा ।

दूसरी सेवा (रेल संख्या 26404) श्रीनगर से सुबह 8:00 बजे प्रस्थान करेगी। बनिहाल और कटरा में रुकते हुए और दोपहर 12:40 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी। इसकी वापसी सेवा (रेल संख्या 26403) जम्मू तवी से दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान करेगी और शाम 6:00 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। यह जोड़ी बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी।

ये दोनों जोड़ियां मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि यात्रियों के पास सप्ताह के अधिकांश दिनों में कॉरिडोर के दोनों छोर से सुबह और दोपहर में वंदे भारत का विकल्प हो, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी हो। जम्मू श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 20 कोच में आरपीएफ के जवानों के साथ ही आठ कोरस कमांडो भी तैनात रहेंगे जिन्हें किसी भी परिस्थिति खासकर आतंकवादियों के हमले से निपटने का प्रशिक्षण प्राप्त है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक साल पहले 06 जून को देश को एक ऐतिहासिक सौगात दी और जम्मू-कश्मीर को शेष भारत से जोड़ने वाला रेलमार्ग राष्ट्र को समर्पित किया था। उन्होंने श्री माता वैष्णों देवी कटरा में एक भव्य आयोजन में देश के सबसे ऊंचे मेहराबदार (अर्द्ध चंद्राकार) चिनाब पुल और देश के पहले केबल पुल आधारित अंजी खड्ड ब्रिज का लोकार्पण किया था और श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली दो वंदेभारत ट्रेनों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया था।

श्रीनगर और श्री वैष्णो देवी कटरा के बीच का सभी शुल्क सहित किराया चेयर कार श्रेणी में 715 रुपये और एग्जीक्यूटिव क्लास में 1320 रुपये है। जम्मू से किराया दरें अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गईं हैं। इन दोनों ट्रेनों के चलने से देश के विभिन्न हिस्सों से कटरा पहुंचने वाले पर्यटकों और रेलयात्रियों को कश्मीर पहुंचने में आसानी हो गई। उनकी सात घंटे की सड़क मार्ग की यात्रा अब तीन घंटे में पूरी हो रही है। हर मौसम जम्मू से श्रीनगर और बारामूला तक का सफर कुछ घंटे में तय हो रहा है।

कटरा और श्रीनगर के बीच नियमित रूप से ट्रेन परिचालन शुरू होने से पर्यटकों, व्यापारियों, स्थानीय निवासियों, छात्रों आदि के साथ साथ माल की कम समय में आवाजाही का सस्ता एवं सुविधाजनक माध्यम उपलब्ध हो रहा है। इसी के साथ तीन ओर से शत्रुओं के घिरे दोनों केन्द्र शासित प्रदेशों में सैनिकों की आवाजाही के साथ रक्षा रसद का तीव्र, सुरक्षित एवं सतत परिवहन सुनिश्चित हुआ है। जम्मू के अलग रेल मंडल बन जाने से जम्मू कश्मीर में रेलवे की परियोजनाओं में और तेजी आयी है।

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