जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष ने बजट सत्र के लिए विपक्ष से मांगा सहयोग
जम्मू, 02 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सोमवार को बजट सत्र के लिए सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतभेदों की गुंजाइश है, लेकिन सभी सदस्यों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और अनावश्यक टकराव से बचना चाहिए। उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि 27 दिनों तक चलने वाले बजट सत्र के दौरान उन्हें पर्याप्त समय दिया जाएगा, जिसके पहले चरण में 19 फरवरी तक प्रतिदिन दो बैठकें होंगी।
राथर ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे सत्र का उपयोग अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित जन मुद्दों को उठाने और उनके समाधान की मांग करने के लिए करें। अध्यक्ष ने सदन में उपराज्यपाल का अभिभाषण प्रस्तुत करने के तुरंत बाद कहा कि यह सदन उन लोगों की आशाओं, आकांक्षाओं और विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्होंने हमें चुना है और यहां भेजा है। उन लोगों की सेवा करना न केवल एक विशेषाधिकार है बल्कि एक गहन जिम्मेदारी भी है। सत्र को अत्यंत मूल्यवान बताते हुए राथर ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेदों की गुंजाइश निश्चित रूप से होती है।
सदन में सदस्यों को बोलने का पर्याप्त अवसर देते हुए उन्होंने कहा कि यद्यपि सभी को पूरी तरह से जगह देना संभव नहीं हो सकता है, लेकिन यथासंभव अधिक से अधिक सदस्यों को जगह देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आप शिष्ट भाषा, शालीनता और नैतिकता के माध्यम से अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकते हैं। इस सत्र को बुलाने में पैसा लगता है और वह पैसा जनता का है। हम जनता के प्रतिनिधि हैं और यह धन भी जनता का है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए।