जम्मू-कश्मीर वर्षभर का वैश्विक पर्यटन केंद्र बनने को तैयार: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
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नई दिल्ली, 27 फरवरी: मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने कहा कि जम्मू-कश्मीर नव-विश्वास, विस्तारित अवसंरचना और विविध पर्यटन विकल्पों के बल पर वर्षभर का वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनने की दिशा में अग्रसर है।
वह गुरुवार शाम नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य प्रचार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसमें केंद्रीय पर्यटन मंत्री Gajendra Singh Shekhawat, विभिन्न देशों के राजनयिक, ट्रैवल ट्रेड प्रतिनिधि और आतिथ्य क्षेत्र के प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की आध्यात्मिक समृद्धि, मनमोहक प्राकृतिक दृश्यावली और जीवंत सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह प्रदेश देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत करता है। उन्होंने बताया कि सरकार पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने नए पर्यटन सर्किट विकसित करने और नौ उभरते गंतव्यों की पहचान करने की घोषणा की, ताकि यात्रियों को नए और विविध अनुभव मिल सकें।
पिछले वर्ष की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने उन अनुभवों से महत्वपूर्ण सबक सीखे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले वर्ष जो हुआ, उससे हमने सीख ली है। जिन बंद स्थलों को खोलने में हमें समय लगा, वह इस बात का संकेत है कि हमने आवश्यक सबक ग्रहण किए हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सरकार का ध्यान भविष्य पर केंद्रित है और एक अधिक सुदृढ़ एवं उत्तरदायी पर्यटन तंत्र के निर्माण पर है।
यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर टूरिज्म फोरम द्वारा प्रसिद्ध होटल व्यवसायी मुश्ताक चाया के नेतृत्व में आयोजित किया गया। फोरम के मानद महासचिव वहीद मलिक ने इसे जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित और जीवंत सर्व-ऋतु पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक क्षण बताया।
मुश्ताक चाया ने वर्तमान दौर को “अभूतपूर्व प्रगति और विकास” का चरण बताते हुए आगंतुकों को विश्वस्तरीय आतिथ्य और बेहतर सुविधाओं का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, विधायक पीरजादा फारूक अहमद शाह, तनवीर सादिक और अल्ताफ अहमद वानी, पर्यटन निदेशक जम्मू विकास गुप्ता, विभिन्न देशों के राजदूत, ट्रैवल एसोसिएशन के प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और प्रमुख पर्यटन हितधारक उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर पर्यटन के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।