जम्मू कश्मीर में सभी आतंकवाद पीडितों को न्याय सुनिच्शित करंेगे: सिन्हा

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श्रीनगर 15 अक्टूबर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज कुपवाड़ा के दारदपोरा का दौरा किया और पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा मारे गए नागरिक शहीदों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सरकारी डिग्री कॉलेज, कुपवाड़ा में आतंकवाद पीड़ित परिवारों को संबोधित किया और उन्हें समुचित पुनर्वास एवं दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा का आश्वासन दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा मारे गए नागरिक शहीदों के परिजनों को न्याय, सम्मान और गरिमा प्रदान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपराधिक न्याय प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के सभी तत्वों को दंड मिले ताकि पीड़ित परिवारों और समाज को न्याय और संतोष की अनुभूति हो। “मैंने परिवारों को आश्वस्त किया है कि उनके दशकों पुराने दुःख, यातना और पीड़ा का अंत हो गया है। हम उन्हें हर तरह का समर्थन प्रदान करेंगे ताकि वे अपना जीवन पुनः स्थापित कर सकें।”
उन्होंने कहा कि नागरिक शहीदों के परिवारों ने अत्यधिक मानसिक आघात झेला है और पिछले तीन दशकों में उन्हें बेरोजगारी, शिक्षा और सामाजिक निराशा जैसी कई चुनौतियों से गुजरना पड़ा है।
“पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा मारे गए नागरिकों के परिवारों को भी ऐसी संरचनात्मक बाधाओं का सामना करना पड़ा जिसने उनकी प्रगति को बाधित किया। उन्हें अपने अधिकारों और संसाधनों से वंचित रखा गया था। अब सभी अवरोध समाप्त कर दिए गए हैं और हम आतंकवाद पीड़ित परिवारों को न्याय और गरिमा सुनिश्चित कर रहे हैं।” उपराज्यपाल ने उन निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्हें पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया था। आतंक पीड़ित परिवारों ने भी अपने दुखद अनुभव साझा किए।
“आतंक पीड़ित परिवारों की गहरी भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है, और प्रशासन प्रत्येक मामला पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ देखेगा। अब तक लगभग 250 आतंक पीड़ित परिवारों को सरकारी रोजगार प्रदान किया गया है। यह मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक हर प्रभावित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता। यह जम्मू-कश्मीर में न्याय के एक नए युग की शुरुआत है।”
उपराज्यपाल ने यह भी बताया कि हाई-रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी और जम्मू व कश्मीर के मंडलायुक्तों के बीच हाल ही में हुए समझौते के तहत आतंकवाद पीड़ित परिवारों, जिनके पास अपनी ज़मीन है, के मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस पहल के तहत एचआरडीएस इंडिया और दोनों मंडलायुक्त उन परिवारों की पहचान करेंगे जिनके घर आतंकवादियों ने नष्ट कर दिए थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों और उनके स्थानीय समर्थन तंत्र ने अपने अपराधों से पाकिस्तान को बचाने के लिए तीन दशकों तक झूठी कहानियाँ गढ़ीं।
पाकिस्तान, जो आतंकवाद का अड्डा है, अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है, और जो भी उसके झूठे नैरेटिव को आगे बढ़ाने में संलिप्त हैं, उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा।
इस अवसर पर मंडलायुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग, डीआईजी एन.के.आर बारामुला मकसूद-उल-ज़मान, उपायुक्त कुपवाड़ा श्रीकांत बालासाहेब, एसएसपी कुपवाड़ा सैयद अल-ताहिर गिलानी, “सेव यूथ सेव यूचर फ़ाउंडेशन” के अध्यक्ष वाजहत फ़ारूक भट्ट, फाउंडेशन के अन्य सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और आतंकवाद पीड़ित परिवारों के सदस्य उपस्थित थे।

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