जम्मूकश्मीर में कृषि क्रांति की तैयारी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने ₹289 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना को दी मंजूरी
जम्मू, 13 फरवरी: मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में शुक्रवारप्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की राज्य स्तरीय मंजूरी समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹289.16 करोड़ की प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में कृषि परिवर्तन को गति देना, किसानों की आय बढ़ाना और खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि उत्पादन विभाग), समाज कल्याण विभाग के आयुक्त सचिव, जनजातीय मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, मिशन निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव, निदेशक (संसाधन) और कृषि उत्पादन विभाग के अन्य विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। समिति ने कुल ₹28,916.75 लाख के प्रस्तावित परिव्यय को मंजूरी दी, जिसे राष्ट्रीय स्तर की पीएसी को भेजा जाएगा। भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के लिए निर्धारित ₹23,113 लाख की सीमा के मुकाबले, वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान विभिन्न प्रमुख घटकों के कार्यान्वयन के लिए यह आवंटन प्रस्तावित किया गया है। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना के तहत स्वीकृत घटक केंद्र शासित प्रदेश के कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की क्षमता रखते हैं।
मुख्य सचिव के प्रमुख निर्देश
डिजिटल कृषि: उन्होंने डिजिटल कृषि मिशन पर विशेष जोर दिया, जिसके तहत किसान रजिस्ट्री, फसल और भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इसे एआई-आधारित ‘भारत-विस्तार’ एप्लीकेशन के साथ जोड़ा जाएगा ताकि किसानों को स्थानीय भाषाओं में व्यक्तिगत सलाह मिल सके।
एकीकृत प्लेटफॉर्म: उन्होंने कहा कि यह पहल देश भर में प्रस्तावित यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस का आधार बनेगी और खेती को पूरी तरह से तकनीक-संचालित उद्यम में बदल देगी।
प्रधानमंत्री दक्षता-सह-दक्षता किसान योजना: उन्होंने किश्तवाड़ और बारामूला जिलों में पायलट आधार पर शुरू की गई प्रधानमंत्री दक्षता-सह-दक्षता किसान योजना योजना पर ध्यान केंद्रित करने और इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मृदा स्वास्थ्य : उन्होंने निर्देश दिया कि मिट्टी के परीक्षण को अगले स्तर पर ले जाया जाए, जिसमें रासायनिक संरचना के साथ-साथ सूक्ष्मजीवों के अनुपात का भी आकलन हो, ताकि मिट्टी की उर्वरता का वैज्ञानिक रूप से निर्धारण हो सके।
किसान साथी पोर्टल: उन्होंने सभी योजनाओं और लाभ वितरण प्रक्रियाओं को ‘किसान साथी’ पोर्टल पर लाने का निर्देश दिया ताकि किसानों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी सेवाएं आसानी से मिल सकें।
गत वर्ष (2025-26) की उपलब्धियां:
अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान:
10,076 किसानों को कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण के तहत प्रशिक्षित किया गया।
21,675 क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए।
4,600 हेक्टेयर क्षेत्र को परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 230 जैविक क्लस्टरों में शामिल किया गया, जिसमें 15,226 किसान पंजीकृत हैं।
1,561 कृषि मशीनरी इकाइयां और 208 हेक्टेयर में नए बाग स्थापित किए गए।