कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के लिए 6,520 करोड़ रुपए के परिव्यय को दी मंजूरी,

0

नई दिल्ली, 31 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों और रेलवे से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं की गईं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अन्य मंत्रियों ने बताया कि कुल छह अहम फैसलों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर देश के किसानों, कोऑपरेटिव संस्थाओं और रेलवे नेटवर्क पर पड़ेगा। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को 2000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस योजना से देश के 94 प्रतिशत किसान वर्ग को लाभ मिलेगा। इसके तहत 2025-26 से लेकर 2028-29 तक के लिए यह सहयोग जारी रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इससे सहकारी संस्थाएं और अधिक मजबूत होकर किसानों की आय बढ़ाने में भूमिका निभाएं। मोदी सरकार ने PMKSY के लिए कुल 6520 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी है, जिसमें 1920 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि शामिल है। इस योजना के अंतर्गत: 1000 करोड़ रुपये से खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं और विकिरण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। 100 मान्यता प्राप्त फूड टेस्टिंग लैब्स और 50 फूड इरिडेशन यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। अन्य घटक योजनाओं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के लिए 920 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर का एक्सपोर्ट 11 वर्षों में दोगुना होकर 5 बिलियन डॉलर से बढ़कर 11 बिलियन डॉलर पहुंच चुका है। कैबिनेट ने इटारसी से नागपुर तक चौथी रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट से इस महत्वपूर्ण रेल रूट की क्षमता और स्पीड दोनों बढ़ेगी। वर्तमान में तीसरी लाइन पर काम चल रहा है, और अब चौथी लाइन का रास्ता भी साफ हो गया है। सरकार ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के 13 जिलों में फैली चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के जरिए भारतीय रेलवे का नेटवर्क लगभग 574 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों को लाभ होगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 15वें वित्त आयोग चक्र 2021-22 से 2025-26 तक के दौरान चल रही केंद्रीय क्षेत्र की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) के लिए 1,920 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि सहित कुल 6,520 करोड़ रुपए के परिव्यय को मंजूरी दी। इस मंजूरी में पीएमकेएसवाई योजना की घटक योजना- इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन एंड वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर (आईसीसीवीएआई) के तहत 50 मल्टी प्रोडक्ट फूड इरैडिएशन यूनिट की स्थापना के लिए 1,000 करोड़ रुपए और बजट घोषणा के अनुरूप पीएमकेएसवाई योजना की घटक योजना- फूड सेफ्टी एंड क्वालिटी एश्योरेंस इंफ्रास्ट्रक्चर (एफएसक्यूएआई) के तहत एनएबीएल मान्यता प्राप्त 100 फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए और 15वें वित्त आयोग चक्र के दौरान पीएमकेएसवाई की विभिन्न घटक योजनाओं के तहत परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए 920 करोड़ रुपए शामिल हैं। आईसीसीवीएआई और एफएसक्यूएआई, दोनों ही पीएमकेएसवाई की मांग-आधारित घटक योजनाएं हैं। देश भर की पात्र संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किए जाएंगे। ईओआई के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों को मौजूदा योजना दिशानिर्देशों के अनुसार पात्रता मानदंडों के अनुसार उचित जांच के बाद अप्रूव किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित 50 मल्टी प्रोडक्ट फूड इरैडिएशन यूनिट के कार्यान्वयन से इन यूनिट के अंतर्गत विकिरणित खाद्य उत्पादों के प्रकार के आधार पर प्रति वर्ष 20 से 30 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक की कुल प्रिजर्वेशन क्षमता सृजित होने की उम्मीद है। निजी क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित 100 एनएबीएल-मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना से फूड सैंपल के परीक्षण के लिए एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन और सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित होगी। नाबार्ड के एक स्टडी के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की आईसीसीवीएआई पहल से सब्जियों, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों में वेस्टेज को लेकर कमी आई है, साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी कुछ लाभ हुए हैं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, पोस्ट-हार्वेस्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोसेसिंग सुविधाओं के निर्माण के लिए वर्ष 2016-17 से पीएमकेएसवाई को क्रियान्वित कर रहा है ताकि पोस्ट-हार्वेस्टेड नुकसान में कमी सहित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published.