उपमुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित बेला का दौरा कर राजौरी में बहाली कार्यों की समीक्षा की**
**राजौरी, 22 जुलाई:** उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने आज राजौरी जिले के बाढ़ प्रभावित बेला क्षेत्र का दौरा कर हाल ही में आई फ्लैश फ्लड के बाद जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री ने मौके पर तैनात अधिकारियों एवं फील्ड कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत, मलबा हटाने तथा आवश्यक सेवाओं की जल्द बहाली के निर्देश दिए ताकि सामान्य जनजीवन जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने राजौरी में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर फ्लैश फ्लड के बाद चल रहे बहाली कार्यों और आपातकालीन राहत उपायों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों की तैयारियों और कार्रवाई का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली तथा प्रभावित लोगों तक प्रभावी राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभाग युद्धस्तर पर राहत, बचाव और बहाली कार्यों में जुटे हुए हैं। फ्लैश फ्लड की घटना में प्रारंभिक तौर पर चार लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें से तीन के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक अन्य लापता व्यक्ति की तलाश जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पुलिस, भारतीय सेना तथा अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रहा है।
आधारभूत ढांचे की बहाली की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को राष्ट्रीय राजमार्ग-144ए पर समुचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जहां कार्य की प्रगति धीमी है वहां सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की क्षति से बचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि फ्लैश फ्लड के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की 157 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उपमुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और बीआरओ के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क संपर्क बहाल करने तथा सभी क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जल शक्ति विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 131 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। सामान्य जलापूर्ति बहाल होने तक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में यह भी बताया गया कि प्रभावित 150 बिजली फीडरों में से 120 बहाल किए जा चुके हैं, जबकि शेष 30 फीडरों को भी शाम तक चालू कर दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को कालाबाजारी तथा जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फंसे हुए मजदूरों और कमजोर वर्गों के परिवारों तक राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन किट और पैक भोजन वितरित किया जा रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की 76 योजनाओं को नुकसान पहुंचा है।
उपमुख्यमंत्री ने विभाग को बेला क्षेत्र के लिए बाढ़ सुरक्षा कार्यों का व्यापक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।
सड़कों की दोष दायित्व अवधि (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) के दौरान मरम्मत में हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अपने संविदात्मक दायित्वों का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों की पहचान कर नियमानुसार उन्हें काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाला जाए।
उन्होंने कृषि, बागवानी, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान के आकलन की भी समीक्षा की और संबंधित विभागों को पारदर्शी एवं व्यापक सर्वेक्षण कर शीघ्र राहत एवं पुनर्वास उपाय लागू करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन तथा सभी बचाव एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों और फील्ड टीमों के समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सामान्य स्थिति शीघ्र बहाल करने और प्रभावित लोगों के प्रभावी पुनर्वास को सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में विधायक राजौरी इफ्तिखार अहमद, विधायक थन्नामंडी मुजफ्फर इकबाल खान, उपायुक्त राजौरी अभिषेक शर्मा, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं भवन), अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त मलिकज़ादा शेराज़-उल-हक, परियोजना अधिकारी आईसीडीएस हरपाल सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त राजस्व मोहम्मद जहांगीर खान, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग मंजूर अहमद, मुख्य योजना अधिकारी मकसूद अहमद, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति सुनील कुमार भट्ट, सहायक आयुक्त विकास औकिल नुवैद, सहायक आयुक्त पंचायत मोहम्मद रफीक, जिला सांख्यिकी एवं मूल्यांकन अधिकारी संदीप शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी मोहम्मद नवाज चौधरी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशिक रफीक मलिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।