*सकीना इटू ने जेकेएमएससीएल के प्रदर्शन और कार्यप्रणाली की समीक्षा की** **अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति की निरंतर निगरानी और कड़ी गुणवत्ता जांच के निर्देश**
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**जम्मू, 9 मार्च:** स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, समाज कल्याण और शिक्षा मंत्री **Sakeena Itoo** ने आज जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद तथा आपूर्ति में कड़ी गुणवत्ता जांच और अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंत्री ने ये टिप्पणियां सिविल सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए की, जिसमें **Jammu & Kashmir Medical Supplies Corporation Limited** (JKMSCL) के प्रदर्शन और कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव **M Raju**, एनएचएम की प्रबंध निदेशक **Akriti Sagar**, जेकेएमएससीएल के एमडी **Tariq Hussain Ganie**, **Sher-i-Kashmir Institute of Medical Sciences** के निदेशक प्रो. **M. Ashraf Ganie**, वित्त निदेशक एचएंडएमई, योजना निदेशक एचएंडएमई, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक कश्मीर/जम्मू, सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, श्रीनगर और जम्मू के डेंटल कॉलेजों के प्राचार्य, राज्य औषधि नियंत्रक, सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जेकेएमएससीएल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा, “गुणवत्ता, पारदर्शिता या दक्षता में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव मरीजों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की विश्वसनीयता पर पड़ता है।”
गुणवत्ता नियंत्रण उपायों और अन्य प्रोटोकॉल की समीक्षा करते हुए मंत्री ने प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि निगम द्वारा खरीदी जाने वाली दवाओं और उपकरणों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि खरीद, परीक्षण, भंडारण और अंतिम वितरण के हर चरण में गुणवत्ता नियंत्रण प्रोटोकॉल को और सख्त किया जाए।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि केवल प्रमाणित, सुरक्षित और मानक के अनुरूप दवाएं और उपकरण ही सरकारी अस्पतालों तक पहुंचें। उन्होंने चेतावनी