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व्हाइट कॉलर टेरर: लैब कोट में छिपा आतंक

- योगेश कुमार गोयल भारत को अब जिस नए तरह के आतंक का सामना करना पड़ रहा है, वह सीमा-पार से नहीं बल्कि क्लासरूम, लैब और अस्पतालों के भीतर से जन्म ले रहा है। आतंकवाद का रूप अब बदल चुका है। वह अब सीमापार की घुसपैठ, जंगलों में छिपे…

झूठी बातें फैलाना बंद करें

ऐसे ज़रूरी समय में जब सिक्योरिटी एजेंसियां ​​अलग-अलग राज्यों, खासकर J&K में फैले मुश्किल टेरर नेटवर्क को बेनकाब करने और खत्म करने के लिए पूरी सिनर्जी से काम कर रही हैं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का यह स्टैंड कि कश्मीरी मुसलमानों को…

बिहार का जनादेश और भारतीय राजनीति का उभरता परिदृश्य

हरदीप सिंह पुरी बिहार की जनता ने एक ऐसा जनादेश दिया है, जिसका महत्व सीटों के गणित से कहीं आगे जाता है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने विधानसभा की 243 सीटों में से 202 सीट पर जीत दर्ज की है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 89 सीटें…

श्रम संहिता: भविष्य अनुकूल कार्यबल का निर्माण

-               सुश्री ज्योति विज देश आर्थिक और श्रम परिदृश्य में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। 29 से अधिक केंद्रीय श्रम कानूनों को चार व्यापक श्रम संहिताओं में समेकित करना केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं है…

कैंसर को शुरू होने से पहले ही रोकना

चिकित्सा क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बनकर उभरे हैं, जहाँ विभिन्न आयु वर्ग के लगभग सभी प्रकार के लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, जिसे पारंपरिक रूप से 'घातक बीमारी' कहा जाता है। बेशक, चिकित्सा पेशे ने इस…

माँग जायज़

उधमपुर ज़िले में दूषित कफ सिरप पीने से विकलांग हुए बच्चों के अभिभावकों द्वारा उठाई गई मुआवज़े की माँग पूरी तरह जायज़ है क्योंकि प्रभावित लोगों की इस तकलीफ़ के लिए कहीं न कहीं सरकार ज़िम्मेदार है क्योंकि बाज़ार में दवाओं की सुरक्षित आपूर्ति…

समाज को राह दिखाता है मीडिया

राष्ट्रीय प्रेस दिवस (16 नवम्बर) पर विशेषरमेश सर्राफ धमोरा देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पत्रकारिता आजादी के बाद भी अलग-अलग परिदृश्यों में अपनी सार्थक जिम्मदारियों को निभा रही है लेकिन मौजूदा दौर में…

बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत और लालूराज का स्याह अतीत

विक्रम उपाध्याय साल 1990 में भारतीय राजनीति में दो बड़ी घटनाएं हुईं। विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने उस साल सत्ताईस प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान के साथ मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की और उसी साल तमाम तिकड़मों…

बिगड़ती कानून-व्यवस्था चिंताजनक

जम्मू क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति हर गुजरते दिन के साथ बिगड़ती जा रही है और अपराध का ग्राफ अभूतपूर्व रूप से बढ़ रहा है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस नए उभरते संकट पर खुलकर अपनी आशंकाएँ व्यक्त कर रहे हैं…

हाईवे के किनारे खड़ी गाड़ियों पर सुप्रीम टिप्पणी

डॉ. आशीष वशिष्ठ देशभर में नेशनल हाईवे व शहर के अंदर व बाहरी इलाके में संचालित होटलों, ढाबों के किनारे भारी वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए रोड पर जहां-तहां वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। सड़क किनारे खड़े…