ईरान के साथ वार्ता विफल रही तो फिर हमला होगा: ट्रंप

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वॉशिंगटन, 11 अप्रैल (वार्ता) पूरी दुनिया की सांसें थमी हुई हैं, क्योंकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी वार्ताकारों का दल इस्लामाबाद में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ की अगुआई वाले 71 सदस्यीय ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए तैयार है।

वार्ता शुरू होने से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ को बताया कि यदि बातचीत विफल रहती है तो ईरान पर हमले फिर से शुरू करने के लिए अमेरिकी युद्धपोतों को ‘सर्वश्रेष्ठ गोला-बारूद’ से लैस किया जा रहा है।

 

श्री ट्रंप ने यह बात श्री वेंस के इस्लामाबाद वार्ता के लिए रवाना होने के तुरंत बाद कही। सात अप्रैल को हुए दो सप्ताह के संघर्ष विराम के बाद अंतिम शांति प्रक्रिया पर बातचीत करने के लिए श्री वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और श्री ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी शामिल हैं।
जब श्री ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि बातचीत सफल होगी? तो उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक फोन इंटरव्यू में कहा, “हमें लगभग 24 घंटों में पता चल जायेगा। हमें जल्द ही जानकारी मिल जायेगी।”

 

उन्होंने कहा, “हम नयी शुरुआत कर रहे हैं। हम जहाजों को बेहतरीन गोला-बारूद और अब तक के सबसे शानदार हथियारों से भर रहे हैं। वे उन हथियारों से भी बेहतर हैं, जिनका इस्तेमाल हमने पहले उन्हें तबाह करने के लिए किया था।”

 

श्री ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा, “हम जहाजों को अब तक के सबसे बेहतरीन हथियारों से लैस कर रहे हैं, जो पहले के विनाशकारी हथियारों से भी कहीं उच्च स्तर के हैं। अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो हम उनका इस्तेमाल करेंगे और बहुत प्रभावी ढंग से करेंगे।”

 

इसके विपरीत ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्ध-पूर्व की वार्ताओं में अपना रुख कायम रखा है कि यूरेनियम संवर्धन ईरान का अटूट अधिकार है।

 

इस बीच श्री गालिबफ ने याद दिलाया कि समझौते की दो धाराओं को अभी लागू किया जाना बाकी है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तय किये गये दो उपायों पर अभी अमल होना बाकी है। लेबनान में संघर्ष विराम और बातचीत शुरू होने से पहले ईरान की रुकी हुई संपत्ति को मुक्त करना। बातचीत शुरू होने से पहले इन दोनों मामलों को पूरा किया जाना चाहिए।”

 

श्री ट्रंप ने ‘द पोस्ट’ से कहा, “आपका सामना ऐसे लोगों से है, जिनके बारे में हम नहीं जानते कि वे सच बोलते हैं या नहीं। हमारे सामने तो वे कहते हैं कि वे सभी परमाणु हथियारों को खत्म कर रहे हैं, सब कुछ खत्म हो गया है। और फिर वे प्रेस के पास जाकर कहते हैं, ‘नहीं, हम संवर्धन करना चाहेंगे।’ इसलिए हमें जल्द ही पता चल जायेगा।”

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