गंदेरबल जिले से एक बड़ी सुरक्षा चूक और आतंकी साजिश की खबर आ रही है। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल जिले में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस का पता लगाया। उन्होंने बताया कि इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस को एक बैग में रखा गया था और जिले के सफापोरा इलाके में कोहेस्तान कॉलोनी के पास गुलाब शेख मोहल्ला में सड़क किनारे रखा गया था। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी है और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुला लिया गया है ताकि आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सके। गंदेरबल के सफापोरा में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। ताज़ा अपडेट के अनुसार, सुरक्षा बलों ने बम निरोधक दस्ते की मदद से उस आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया है। इस घटना के बाद जारी किए गए सुरक्षा अलर्ट और वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है, हाई अलर्ट: खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा दिल्ली और उत्तर भारत में आतंकी हमलों की साजिश की चेतावनी दी है। गंदेरबल में मिला यह आईईडी पिछले 4 दिनों में उत्तरी भारत (पंजाब और कश्मीर) में पाया गया चौथा आईईडी है। सर्च ऑपरेशन: सफापोरा-गंदेरबल रोड और आसपास के इलाकों (गुलाब शेख मोहल्ला, कोहिस्तान कॉलोनी) में व्यापक तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा बल सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के जरिए संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। यातायात प्रतिबंध: आईईडी मिलने के तुरंत बाद गंदेरबल-सफापोरा मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया था। बम निष्क्रिय होने के बाद अब धीरे-धीरे आवाजाही बहाल की जा रही है, लेकिन वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। उत्तरी कश्मीर में बढ़ी चौकसी: पिछले एक हफ्ते में बारामूला, बांदीपोरा और अब गंदेरबल में आईईडी मिलना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। सभी मुख्य राजमार्गों पर गश्त बढ़ा दी गई है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे के विकास (जैसे चिनाब ब्रिज और रेलवे प्रोजेक्ट्स) और राजनीतिक गतिविधियों (जैसे राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति) के बीच इस तरह की विस्फोटक सामग्री का मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसे किसने और किस मकसद से वहां रखा था। सावधानी नोट: प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस बैग की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
नई दिल्ली,21 फरवरी: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने द्विपक्षीय बैठक में ग्लोबल साउथ में साझेदारी मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच कई एमओयू पर हस्ताक्षर हुए और संयुक्त बयान जारी किया गया।
द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और दोनों देश आने वाले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन डॉलर से अधिक तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यापार केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि आपसी विश्वास का प्रतिबिंब है।
तकनीक और इनोवेशन में सहयोग : प्रधानमंत्री ने बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई सुपर कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर्स और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर भी काम जारी है।
ऊर्जा और ग्रीन फ्यूचर पर फोकस : ऊर्जा सहयोग को संबंधों का मजबूत स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाइड्रोकार्बन के साथ रिन्यूएबल एनर्जी, इथेनॉल ब्लेंडिंग और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में ब्राजील की सक्रिय भागीदारी को ग्रीन फ्यूचर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
क्रिटिकल मिनरल्स और रक्षा सहयोग : प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ पर समझौता वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करेगा। रक्षा, कृषि, पशुपालन और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति बनी है। भारत से ब्राजील को गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने और आयुर्वेद के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
वैश्विक मंचों पर साझा दृष्टिकोण : प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ब्राजील लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख दोहराया और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।