पीएमएवाई-जी के तहत जम्मू-कश्मीर में 506 परिवारों को 5 मरला भूमि आवंटित, 435 अन्य मामलों पर विचाराधीन: जाविद डार*
सरकार ने आज सदन को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत जम्मू-कश्मीर में 506 परिवारों को 5 मरला भूमि आवंटित की गई है, जबकि 435 अन्य मामलों पर राजस्व अधिकारियों द्वारा विचार किया जा रहा है।
यह जानकारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री जाविद अहमद डार ने विधायक मोहम्मद यूसुफ़ तरीगामी के प्रश्न के उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पीएमएवाई के तहत भूमिहीन और बेघर परिवारों की पहचान के लिए आवश्यक आकलन और सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएमएवाई-ग्रामीण चरण-1 (RDD) के तहत स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) से ऐसे परिवारों की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया गया, जिसे पूरे प्रदेश में पूर्ण रूप से संतृप्त कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि कुलगाम जिले सहित लाभार्थीवार सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है और योजना दिशा-निर्देशों के अनुसार सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को भूमि आवंटित की गई है। पीएमएवाई-जी मानदंडों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को 5 मरला भूमि दी जाती है और उन्हें स्वीकृति की तिथि से एक वर्ष के भीतर आवास निर्माण पूरा करना होता है।
शहरी क्षेत्रों के संबंध में मंत्री ने बताया कि पीएमएवाई-अर्बन 2.0 के तहत आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर में भूमिहीन और बेघर परिवारों की पहचान के लिए सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि आवास सॉफ्ट पोर्टल पर उपलब्ध स्थायी प्रतीक्षा सूची से चिन्हित लाभार्थियों की सूची संबंधित उपायुक्तों को सत्यापन हेतु भेजी गई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पीएमएवाई-अर्बन 2.0 में भूमि आवंटन का प्रावधान नहीं है, बल्कि पात्र परिवारों को किफायती आवास साझेदारी (AHP) मॉडल के तहत फ्लैट्स के माध्यम से आवास सहायता दी जाती है।
निर्माण समय-सीमा के बारे में मंत्री ने कहा कि बीएलसी श्रेणी के अंतर्गत मकान आमतौर पर पहली किस्त जारी होने के 12–18 महीनों में पूरे हो जाते हैं, जबकि एएचपी श्रेणी के अंतर्गत निर्माण कार्य 18–24 महीनों में पूरा होता है।
मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से भूमिहीन और बेघर परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी पात्र लाभार्थी पीएमएवाई के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।